रहस्यमयी बीमारियों से इन गांवों में हो रही मौतें
एक तो सीधा ही जमीन में पानी उतारने से और दूसरा तालाबों में यह पानी भरने से इसके घातक परिणाम आने शुरू हो गए हैं। खास तौर पर अल्लीपुर, बहचौला, फफूंडा, धनौटा, बिजौली, बहरानपुर, सेतकुआं, गगोल, छतरी, रघुनाथपुर, कौल, उल्धन, धीरखेड़ा, खासपुर आदि गांवों में इसका असर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पानी का असर हैंडपंपों, नलकूपों, पानी की टंकियों तक में आ रहा है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। कुछ ग्रामीण कैंसर तो कुछ पीलिया बता रहे हैं। लेकिन हालत यह है कि इनमें हर गांव में मौत हुई हैं।
समिति ने उठाई आवाज
इस बाबत पर्यावरण सुधार संघर्ष समिति ने भी आवाज उठाई है। जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से लेकर अन्य सभी अधिकारियों तक से शिकायत की गई है। समिति अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर, शक्तिमोहन, दीप आदि ने इस बाबत दस्तावेज भी पेश किए हैं। कहा है कि इनकी जांच हो।
हो सकते हैं रोग
वाटरएड इंडिया की रिपोर्ट कहती है कि दूषित पानी लोगों को बीमार कर रहा है। इस पानी में मुख्य रूप से आर्सेनिक, फ्लोराइड और नाइट्रेट की ज्यादा मात्रा होती है। इससे डायरिया, टाइफाइड, जापानी बुखार, पीलिया या अपंगता जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। कैंसर जैसी बीमारियों का भी यह पानी वाहक है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं पर पानी का सबसे ज्यादा घातक असर होता है।
इसकी जांच होगी
सिंचाई के नाम पर पानी को बाहर प्रयोग करने की अनुमति ली गई है। लेकिन ट्रीटमेंट के बाद उसे डाला जा रहा है या नहीं, इसकी जांच होगी। पूरी टीम इसके लिए बनाई गई है। -अनिल ढींगरा, डीएम
हम सर्वे करा रहे हैं
टीम लगाकर स्थिति का सर्वे करा रहे हैं। इन सभी गांवों को देखेंगे कि आखिर लोगों के स्वास्थ्य पर इस पानी का क्या असर हो रहा है? हम इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर पेश करेंगे। -डा. राजकुमार, सीएमओ