खतौली ट्रेन हादसे के घायल हादसे का मंजर याद आते ही सिहर उठते हैं। घटना के बारे में पूछा जाता है तो उनकी आवाज भारी और आंखें नम हो जाती हैं। दर्द जुबां पर आता है तो आपबीती और परेशानियां कह जाता है। अपनी रोजमर्रा की दिक्कतें तो थी ही, मगर यह हादसा कई और गम भी दे गया। जिंदगी बची है, इसके लिए ऊपरवाले की कृपा है। मगर जिन लोगों को मरते-तड़पते देखा, उनकी आवाजें, चीख कानों में गूंजती हैं तो दिल भर आता है। मलाल रह जाता है कि काश, उन्हें भी बचा लिया जाता। प्रार्थना है कि कभी फिर ऐसी घटना न हो, ऐसा मंजर न देखें।
खौफनाक मंजर देख बेहोश हो गई
मंजू (35) पत्नी परविंदर निवासी मंदौर, मुजफ्फरनगर ने बताया कि वह मेरठ से मुजफ्फरनगर जा रही थीं। हादसे में उनकी बोगी में कई लोगों की जान गई। वह क्षतिग्रस्त बोगी में फंसी हुई थी। उन्होंने लोगों को तड़पते और मरते देखा। यह मंजर देखकर वह बेहोश हो गई, जब उन्हें होश आया तो वह अस्पताल में थीं।
लगा जैसे भूकंप आ गया है
सोनिका (22) निवासी मुजफ्फरनगर ने बताया कि जब ट्रेन क्षतिग्रस्त हुई तो उसे ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। आंखों केआगे अंधेरा छा गया और चीख-पुकार मच गई। वह मंजर इतना खौफनाक था कि शब्दों में बयां नहीं कर सकती। इनके अलावा अरुण (23) पुत्र चंद्रभान निवासी कंकरखेड़ा ने बताया कि वह हरिद्वार दर्शन करने जा रहा था। उसका पैर क्षतिग्रस्त बोगी में फंस गया था। वह तड़प रहा था। इसी दौरान एक अन्य बोगी से साधु बाबा वहां आए तो वह चिल्लाने लगा कि उसे बचा लें। उन्होंने मशक्कत कर उसे निकाला और उसकी जान बचाई।
मां के पास दवा भी नहीं पहुंची
बड़ा ट्रेन हादसा
मेडिकल अस्पताल में भर्ती रोशन (26) मुजफ्फरनगर के मुबारिकपुर का रहने वाला है। वह दिल्ली से मां सुखबीरी (65) की सात हजार रुपये की दवा लेकर आ रहा था। हादसे केबाद उसका वह बैग भी गायब हो गया, जिसमें दवा और कुछ पैसे थे। उसे अफसोस है कि वह मां की दवा नहीं ले जा सका। रोशन ने बताया कि उसकी मां को काला पीलिया (हेपेटाइटिस सी) है। वह काफी बीमार हैं। उसे उनकी फिक्र सता रही है, वह ठीक हो तो उनकी दवा लेकर आएगा।
एक और घायल की मौत
मेडिकल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती एक और घायल की मौत हो गई है। मेडिकल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि मृतक का नाम छवि लाल (50) बताया गया था। इसके परिवार से कोई नहीं आया है, न ही यह पता चल पाया है कि वह कहां का रहने वाला था। सोमवार शाम करीब सात बजे इन्होंने अंतिम सांस ली है।
मृतकों की आत्मा की शांति के लिए सपाइयों ने किया पौधरोपण
सपाइयों ने खतौली ट्रेन हादसे के मृतकों की आत्मा की शांति के लिए सोमवार को कमिश्नरी पार्क, वृद्धा आश्रम, कुष्ठ आश्रम और गगोल तीर्थ आदि स्थलों पर 31 पौधे रोपित किए। इस दौरान महानगर उपाध्यक्ष जितेंद्र गुर्जर, मनीष शर्मा, आशीष सिंह, विजय, अजब सिंह, अशोक शर्मा, असलम और जफर आदि रहे।
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