संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान पाठ के 23वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से महेंद्र जैन व अर्पित जैन ने अभिषेक किया।
दीप का प्रज्ज्वलन कुसुमलता जैन व अशोक जैन, सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 48 अर्घ्य चढ़ाए गए और 98 परिवारों की ओर से विधान का कराया गया।
गुरुवर विमर्श सागर महाराज ने कहा कि सजा देने वाले से क्षमा करने वाला व्यक्ति बड़ा एवं महान होता है। द्वेष भावना छोड़कर यदि हम क्षमा करना सीख लेंगे तो ऐसे में हमारे विरोधी भी हमारे करीबी बन सकते हैं। इससे एक सकारात्मक वातावरण का जन्म होगा। विधान का विसर्जन रूपा जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मनोरमा जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन श्यामलाल जैन और चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन प्रवीण जैन ने किया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, मनोज जैन, धनपाल जैनी, उमेश जैन, दीपक जैन, अतुल जैन, योगेश चंद जैन, मयंक जैन का सहयोग रहा।