-लाख प्रयास के बावजूद भी नहीं रुक रहे हमले
-शासन ने बिजनौर डीएफओ से भी मांगा था जबाव
नंबर गेम
-19 इंसानों की जान गुलदार के हमले में गई इस साल
-29 गुलदार जिलेभर में पकड़े गए इस साल
-07 गुलदार के शावक जिले में इस साल पकड़े गए
-12 गुलदार की मौत इस साल आपसी संघर्ष में हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में गुलदार का आतंक बरपा है। लाख प्रयास के बावजूद भी हमले नहीं रुक रहे। एक के बाद एक गुलदार ने इस साल 19 इंसानों की जान ले ली। जिले में गन्ने के खेतों में बढ़ती गुलदारों की संख्या भी डरा रही है। शासन ने हाल ही में वन विभाग से इस बाबत जबाव भी मांगा है।
इस साल की शुरुआत में ही गुलदार के हमले शुरु हो गए थे। फरवरी में गुलदार के हमले में पहली जान गई, इसके बाद लगातार हमले होते रहे। दो माह पहले तक जिले में हालात ऐसे हो गए थे कि 25 जिलों से ज्यादा के वन अफसरों ने बिजनौर में डेरा डाल लिया था। चार हाथियों और विशेषज्ञों की मदद से नरभक्षी तलाशे जा रहे थे। इसके बावजूद हमले कम नहीं हुए। अलग-अलग जगहों पर गुलदारों ने अब तक इस साल 19 इंसानों की जान ले ली। वहीं गुलदार के पकड़े जाने और मारे जाने की बात करें तो कुल 48 गुलदार इस साल जिले में वन विभाग को मिल चुके हैं। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि लगातार गुलदार पकड़े जा रहे हैं। ग्रामीणों को जागरुक किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों, महिलाओं को अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से भी मांगा गया जबाव
जिले में गुलदार के बढ़ते हमले और बढ़ती संख्या के मुद्दे को अमर उजाला में प्रमुखता से उठाया गया। इसे लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव के यहां से वन विभाग के अफसरों से जबाव मांगा गया। यहां पर गुलदार से निपटने के लिए की गई व्यवस्थाओं पर भी सवाल पूछे गए। इसके जबाव में वन विभाग ने पकड़े गए गुलदारों और जागरुक अभियान के बारे में बताया।
100 से ज्यादा गांव गुलदार को लेकर संवेदनशील
गुलदार को लेकर संवेदनशील गांवों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले इन गांवों की संख्या 73 थी, लेकिन वन विभाग ने इन्हें बढ़ाकर 100 से ज्यादा कर दिया है। इन गांवों में विशेष जागरुक अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है। वहीं गन्ना विभाग के साथ मिलकर भी किसानों को गुलदार से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।
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बल्लाशेरपुर में एक साल पहले एक बालिका को भी गुलदार ने मारा था
धामपुर। बल्ला शेरपुर में भी गुलदार ने एक साल पहले 13 वर्षीय बालिका को हमला कर मार डाला था । तब भी ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़ने की मांग की थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया । अब भी काफी समय से तीन -चार गुलदार क्षेत्र में घूमते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों में वन विभाग के अधिकारियों के प्रति असंतोष है। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह, जिला प्रवक्ता चौधरी राजेंद्र सिंह , हरी राज सिंह जाट आदि ने वन विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वह जल्दी आदमखोर गुलदार को पकड़कर वनों में छोड़े और मृतक नैना के परिजनों को उचित मुआवजा दें। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन होगा।