नौ माह की गर्भवती महिला घंटों भटकती रही, तब हुआ ऑपरेशन
नौ माह की गर्भवती एक महिला सोमवार को घंटों इधर-उधर भटकती रही। कोरोना की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही महिला जिला अस्पताल में उसका ऑपरेशन हो सका, उसने बेटे को जन्म दिया है।
फलावदा निवासी अनुराधा की डिलीवरी होनी थी। पति पहले मवाना सीएचसी से लेकर गया, वहां से उसे महिला अस्पताल भेजा गया। यहां से ऑपरेशन के बजाय उसे कोरोना का सैंपल देने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
गर्भवती होने के कारण उसे इस दौरान काफी परेशानी हुई। परेशान होकर उसके पति ने सपा नेता अतुल प्रधान को फोन किया। इसके बाद महिला जिला अस्पताल पहुंचे अतुल प्रधान ने गर्भवती महिला को इस तरह परेशान किए जाने का विरोध किया।
अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. मनीषा अग्रवाल ने बताया कि दोपहर तीन बजे महिला का सैंपल जांच के लिए गया था। ट्रूनेट मशीन से करीब शाम सात बजे उसकी रिपोर्ट आ गई, जिसके बाद ऑपरेशन किया गया। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
कोरोना महामारी के इस दौर में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि नियम यह है कि कोरोना मरीज के प्रोटोकॉल की तरह तुरंत डिलीवरी कराई जाए। ट्रूनेट और एंटीजन किट से तुरंत जांच कराने की प्रक्त्रिस्या भी इसीलिए आई है, ताकि जांच के देरी की वजह से मरीज इलाज के लिए परेशान न हो।