जिले में देर रात घना कोहरा छाने से दृश्यता बेहद कम हो गई। इससे सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड के कारण आमजन कांपने को मजबूर हैं, और लोगों को ठंड से कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है। रात और दिन सर्द हो रहे है। रात का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में शीतलहर के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सर्द हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। ठंड का सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग रिक्शा चालकों ठेले वालों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। सुबह-शाम ठंड इतनी तेज हो रही है कि लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। घने कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। वहीं ट्रेन और बसों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी चरण सिंह विवि के मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। रात का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चल रहा है वही दिन का तापमान भी कम होने से ठंड का असर और भी दुगना हो गया है।
रात हो रही है सर्द, मैदानी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर
मोदीपुरम। पहाड़ों पर हो रही बर्फ बारी के चलते मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ यूपी शाही का कहना है कि पहाड़ों पर बर्फबारी और शीतलहर के चलते रात सर्द हो रही है। यही कारण है कि रात का तापमान चार डिग्री के आसपास चल रहा है। पिछले कई दिन से रात का तापमान कम होने से मौसम और सर्द बना हुआ है। अभी दिन और रात का तापमान कम रहेगा।
फिर बढ़ गया एक्यूआई
मोदीपुरम। सोमवार को फिर से प्रदूषण का लेवल बढ़ गया। 218से बढक़र 249 पर पहुंच गया। कोहरे और सर्दी के बीच प्रदूषण भी कम नहीं है। इसके अलावा गंगानगर 164, जयभीमनगर 294, पल्लवपुरम 288, दिल्ली रोड 290, बेगमपुल 310 रहा है। सबसे ज्यादा बेगमपुल क्षेत्र प्रदूषित रहा है। यहा का एक्यूआई फिर मानक से कई गुणा ज्यादा रहा।