मेरठ। डेंगू के मच्छरों के लिए मुफीद माहौल मुहैया कराया जा रहा है। इस लापरवाही की ‘गवाही’ खुद डेंगू के लार्वा दे रहे हैं। मलेरिया विभाग के इस साल पिछले नौ माह में 705 घरों का निरीक्षण किया, जिसमें 280 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिले। इतने ही लोगों को नोटिस दिए गए हैं। इतना ही नहीं, 314 पात्र ऐसे मिले हैं जिनमें काफी समय से पानी भरा था। इन्हें खाली कराया गया है। मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान छत पर पानी की टंकी देखी, ड्रम, नालियां और कूलर आदि की जांच की।
कूलर निकला डेंगू के लार्वा का घर
128 जगह कूलर में डेंगू का लार्वा पनप रहा था। जिन स्थानों पर कूलर में लार्वा मिला, वहां रहने वाले लोगों से टीम को पता चला कि कूलर में महीनेभर से पानी नहीं बदला गया था।
दोबारा लार्वा मिला तो लगेगा जुर्माना
सर्वे के दौरान और इसके बाद भी लोगों को जागरूक किया गया। दिशा निर्देश दिए गए हैं कि दोबारा पानी भरा न रखें। अगर दोबारा भी लार्वा मिला तो पांच सौ रुपये तक जुर्माना वसूूला जाएगा। - सत्यप्रकाश, जिला मलेरिया अधिकारी
मलेरिया विभाग का ढीला रवैया
कई बिंदुओं पर मलेरिया विभाग का रवैया भी ढीला रहा है। इस दौरान मलेरिया विभाग की टीम ने किसी भी स्थान पर जहां लार्वा मिला था, पुन: निरीक्षण नहीं किया है, ताकि पता चल पाता कि उस स्थान पर फिर लार्वा तो नहीं पनप रहा।
क्या है डेंगू
मादा एडीज एजिप्टाई के काटने से डेंगू होता है। इसे टाइगर मच्छर भी बोला जाता है। यह साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। इस मच्छर के शरीर का आधार गहरे काले रंग का होता है। सफेद चमकीली पट्टियां होती हैं। सिर के पीछे के भाग पर सफेद चमकीली आकृति बनी हुई होती है।
यह बरतें सावधानी
सप्ताह में एक बार कूलर का पानी को पूरा बदलें, रात में सोते वक्त पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी लगाएं, आसपास घरों में पानी भरा न रहने दें।
डेंगू के लक्षण
सिर, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द होना, तेज बुखार, जी मिचलाना, उल्टी हो जाना, गंभीर हालत होने पर नाक-मुंह से खून आना।