बैंक के बाहर धरने पर बैठे भाकियू किसान यूनियन तोमर के कार्यकर्ता।
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बहसूमा(मेरठ)। रामराज स्थित स्टेट बैंक के बाहर सोमवार भाकियू कार्यकर्ताओं ने एनईएफटी की रकम वापस नहीं करने पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान बैंक प्रबंधक ने एक माह में एनईएफटी की रकम वापस करने का लिखित आश्वासन दिया।
जानकारी के मुताबिक बसैफपुर फिरोजपुर निवासी सतीश ने डेढ़ माह पूर्व एक लाख आठ हजार रुपये की एनईएफटी स्टेट बैंक रामराज से बैंक आफ बड़ौदा मवाना के लिए की थी। लेकिन बैंककर्मियों की लापरवाही के चलते उक्त एनईएफटी की रकम कोलकाता के बैक में कर दी गई। रकम मवाना बैंक में नहीं पहुंचने पर ग्राहक ने बैंक में शिकायत की तो बैंक से करीब डेढ़ माह से रकम लौटाने का आश्वासन दिया जा रहा था। परंतु दो दिन पूर्व शाखा प्रबंधक ने इंकार करते हुए कहा कि यदि कोलकाता वाला ग्राहक रकम वापस करेगा तो बैंक आपको लौटाएगा। जिससे नाराज भारतीय किसान यूनियन तोमर के पदाधिकारियों ने रामराज स्थित स्टेट बैंक के बाहर रकम वापस करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे बैंक कर्मियों में खलबली मच गई। शाखा प्रबंधक सिद्धार्थ की सूचना पर एसबीआई के एआरएम एफएल मित्तल
व वी. श्रीवास्तव ने धरनास्थल पर पहुंचकर लोगों से वार्ता की। इस दौरान अधिकारियों ने एक माह के भीतर रकम वापस करने का लिखित आश्वासन दिया। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया। इस दौरान धरना प्रदर्शन में भाकियू (तोमर) के जानसठ ब्लाक अध्यक्ष समर सिंह चौधरी, ग्राम प्रधान कपिल चौधरी, राजेंद्र चौधरी, खतौली ब्लाक अध्यक्ष विशाल अहलावत, सतीश कुमार प्रवीण, डॉ. किशोरी व अमित बंसल आदि रहे।