कई दिनों के इंतजार के बाद मानसून ने पश्चिमी यूपी में दस्तक दे दी है। मंगलवार सुबह मेरठ समेत कई शहरों में बारिश हुई। बारिश होने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है तो वहीं धान की फसल को भी फायदा होगा। उधर, सहारनपुर में तेज बारिश होने से 15 से ज्यादा गांवों में पानी भर गया है।
मेरठ में करीब 20 दिन से निष्क्रिय चल रहा मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। जिसका असर सोमवार और मंगलवार को देखने को मिला है। पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में आज सुबह से ही बारिश हो रही है। मेरठ में भी बारिश होने से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। बारिश और तेज हवाएं चलने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। अब मानसून की बारिश सहारनपुर, बिजनौर और बागपत समेत कई शहरों में पहुंच गई है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी का कहना है कि मेरठ में बारिश की संभावना बनी हुई है और यह बारिश का दौर आगामी तीन-चार दिनों तक रुक रुककर चल सकता है।
उधर, सहारनपुर में कई दिनों की घुटन और उमस भरी गर्मी के बाद मंगलवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और करीब सवा दस बजे से बारिश शुरू हो गई। इससे जहां गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर के कई इलाकों में जलभराव भी हो गया।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में सुबह से लगातार बारिश हो रही है, जिससे अधिकतर बरसाती नदियां भी उफान पर है। उधर, अकबरपुर बांस और रायेपुर की आबादी में निकासी नहीं होने के कारण बरसात का पानी घरों में भर गया। इससे काफी नुकसान हुआ है।
मंगलवार सुबह पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में जमकर बरसात हुई। शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाली क्षेत्र की अधिकतर बरसाती नदियों में पानी आ गया। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में नदी में पानी आने के बाद श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाए और भूरा देव मंदिर पर ही पानी उतरने का इंतजार करते रहे। बादशाहीबाग-खारा जल विद्युत परियोजना, बेहट-शाकंभरी देवी, मिर्जापुर-सुंदरपुर में सड़क मार्गों पर आवागमन बाधित रहा। इसके अलावा नदी नालों से घिरे लगभग 15-20 गांवों का शाम तक बाहरी स्थानों से संपर्क कटा रहा।
अकबरपुर बांस में घरों में घुसा पानी
मिर्जापुर क्षेत्र के गांव अकबरपुर बांस में बरसात की पहली ही बारिश ने विकास कार्यों की पोल खोल दी। निकासी नहीं होने से दलित बस्ती में घरों में पानी घुस गया। घरेलू सामान भी पानी में डूबने से खराब हो गया। मिट्टी की दीवारों पर बने कई मकान तो गिरने की स्थिति में पहुंच गए है। प्रधान मो. हारून ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते गांव में पानी भरा हुआ है। आरोप है कि सड़क निर्माण कराते समय पुलिया नहीं बनवाई, जिससे पानी की निकासी बंद हो गई और बारिश का पानी रामधन, सुलेखचंद, धर्मपाल व धर्म सिंह, ओम प्रकाश, मुकेश, राम प्रसाद, सौपाल, प्रेम, श्यामलाल, भोपाल, सतबीर, पप्पू, मुकीम, सुरेश, चरण सिंह, सुनील आदि के घरों में पानी भर गया। शाहपुर बांस में हरिजन बस्ती के पास से गुजर रही बरसाती नदी ने सड़क पर कटाव कर दिया जिससे संपर्क मार्ग बाधित हो गया।