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लिसाड़ी गेट के बदमाशों ने लूटा था 20 लाख का सोना

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मेरठ। कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह सराफ प्रमोद वर्मा से 20 लाख रुपये का सोना लूटने की घटना में पुलिस खाली हाथ है। हालांकि पुलिस मानकर चल रही है कि इस घटना को लिसाड़ी गेट के बदमाशों ने अंजाम दिया है।
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ब्रह्मपुरी निवासी सराफ प्रमोद वर्मा से रविवार सुबह थाना लिसाड़ी गेट के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने 20 लाख रुपये का सोना लूट लिया था। सराफ जिस ऑटो में सवार थे, उसमें सराफ के साथी लीलाधर निवासी सरायलाल दास भी करीब आधा किलो सोना लेकर गए थे। लेकिन बदमाशों ने लीलाधर से कुछ नहीं कहा। पुलिस का कहना है कि यदि ऑटो चालक व लीलाधर बदमाशों से मुकाबला करते तो बदमाश मौके पर ही पकड़े जाते।
पीड़ित सराफ ने सराफ लीलाधर पर भी संदेह जाहिर किया। पुलिस व क्राइम ब्रांच लीलाधर से गहन पूछताछ कर चुकी है। सराफ को छोड़कर पूछताछ के लिए फिर बुलाया गया है। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में बाइक के नंबर के आधार पर भी पुलिस जांच कर रही है। सटीक मुखबिरी के आधार पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है जिसमें कोई नजदीकी है। पुलिस ने लिसाड़ीगेट के कुछ युवकों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
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प्रह्लाद नगर से लिसाड़ी गेट में घुसे बदमाश
घटना के खुलासे के लिए पुलिस व क्राइम ब्रांच की जांच चार टीमें लगी हैं। एसटीएफ भी लिसाड़ीगेट के बदमाशों की कुंडली खंगालने में जुटी है। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने 14 स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज देखी। सीओ का कहना है कि लूट करने वाले दोनों बदमाश प्रह्लाद नगर से पिलोखड़ी पुलिस चौकी और अहमदनगर तक पैदल जाते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। एक बदमाश जहां पैदल बाइक को ले जाते हुए दिखाई पड़ा तो वही दूसरे बदमाश के हाथ में लूटा हुआ बैग था। इसी बैग में सराफ का 375 ग्राम सोना था।
रास्ते से परिचित हैं बदमाश
सीओ कोतवाली का कहना है कि संकरी गलियों में जहां अनजान आदमी को रास्ता नहीं मिल सकता वहां से दोनों बदमाश पैदल जाते हुए दिखाई पड़े। बदमाश आराम से जाते हुए अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गए। जिससे यह पता चला है कि लूट करने वाले दोनों युवक स्थानीय हैं और वहां के रास्तों से वह पूरी तरीके से परिचित रहे हैं।
भूमिया पुल पर भी लूट सकते थे
पीड़ित सराफ प्रमोद वर्मा ने बताया कि जब वह रविवार तड़के भूमिया पुल पर पहुंचे तो दोनों युवक कुछ दूरी पर खड़े हुए थे। जहां मैंने लीलाधर का इंतजार किया। उसके बाद हम ऑटो से हापुड़ अड्डे की तरफ चले। लेकिन वहां दोनों युवकों ने सोने का बैग नहीं छीना जबकि वह वहां भी लूट कर सकते थे।
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