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Meerut News: दो साल में बदलेगी मेडिकल कॉलेज की सूरत, मिलेगा बेहतर इलाज

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मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज दो साल में पूरी तरह बदल जाएगा। हर तरह के रोगों का इलाज यहां संभव होगा। यहां 100 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर, 100 बेड का लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर और 100 बेड की इमरजेंसी सुविधा मिलेगी। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत देगी। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। इनमें आसपास के जिलों जैसे बागपत, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर आदि से भी गंभीर हालत वाले रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं।
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वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर भारी दबाव रहता है, लेकिन इन नई सुविधाओं के शुरू होने से गंभीर मरीजों को दिल्ली या लखनऊ जैसे दूरस्थ शहरों में रेफर करने की आवश्यकता काफी कम हो जाएगी। क्रिटिकल केयर सेंटर में दिल, सांस, गुर्दा, लीवर और संक्रामक रोगों से पीड़ित गंभीर मरीजों को आधुनिक आईसीयू स्तर की सुविधा मिलेगी। चार मंजिला भवन लगभग तैयार है। संभावना है कि अक्तूबर माह तक यह सुविधा शुरू हो सकती है। इसी तरह, लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर एसजीपीजीआई (लखनऊ) की तर्ज पर हाईटेक होगा। इसमें दुर्घटना पीड़ितों के लिए त्वरित आपातकालीन सर्जरी, ऑपरेशन थिएटर, उन्नत जांच और रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

ट्रॉमा सेंटर का निर्माण 49 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है और मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। दोनों सेंटरों को पैदल पुल से जोड़ा जाएगा, ताकि मरीजों को निर्बाध इलाज मिल सके। इन सुविधाओं के शुरू होने से अस्पताल को अपग्रेड कर एसजीपीजीआई जैसी उन्नत सेवाएं प्रदान करने की कवायद पूरी होगी। इससे गोल्डन आवर में जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। यहां ट्रॉमा के मामलों में पहले घंटे का इलाज सबसे महत्वपूर्ण होता है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार इन केंद्रों के संचालन के लिए लगभग 256 नए पद सृजित होंगे। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
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सुविधाएं बढ़ने के साथ नए चिकित्सक भी मिलेंगे
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि अगले दो साल में मेडिकल की कॉलेज की तस्वीर बदल जाएगी। एसजीपीजीआई की तर्ज पर सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अस्पताल से अलग जच्चा बच्चा ब्लॉक होगा। लेवल एक ट्रॉमा सेंटर बनने के बाद मरीज रेफर नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि 50 नए डॉक्टर के साथ ही 256 नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती होगी।
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