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सभी अपरोधों की मूल जड़ है लोभ : गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता

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हस्तिनापुर स्थित जंबूद्वीप में दशलक्षण पर्व पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। - फोटो : MAWANA
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हस्तिनापुर(मेरठ)। दशलक्षण महापर्व पर जंबूद्वीप में गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ससंघ के सान्निध्य में इंद्रध्वज मंडल विधान का आयोजन चल रहा है। बृहस्पतिवार को पांचवें दिन मंदिर मेरू की पूजा कर 80 महा अर्घ्य समर्पित किए गए।
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सौधर्म इंद्र मदन जैन, बीना जैन द्वारा जिनप्रतिमाओं का अभिषेक किया गया। शांति मंत्र का उच्चारण संस्थान के पीठाधीश रवीन्द्रर्कीति स्वामी जी द्वारा किया गया। पांचवें दिन उत्तम शौच के दिन गणिनी ज्ञानमती माता ने कहा कि उत्तम शौच का अर्थ शुचिता अर्थात शुद्धि से है। पूर्णरूप से लोभ का त्याग महामुनिराज करते हैं। उत्तम शौच धर्म के अनुसार संपूर्ण लोभ का त्याग करना चाहिए। प्राणी सर्वप्रथम कोई भी पाप लोभ के वशीभूत होकर करता है। लोभी व्यक्ति हर संबंध को भूल जाता है। लोभ सभी पापों की मूल जड़ हैं। लोभ के कारण व्यक्ति झूठ बोलता है। झूठ के कारण चोरी करता है। चोरी को छुपाने के लिए मायाचारी करता है। मायाचारी के लिए हिंसा करता है। इसलिए सबकी जड़ लोभ है। जीवन में सदैव उत्तम शौच धर्म को अपनाएं। शास्त्रों में आचार्यों ने लिखा है कि ठग जाना अच्छा है लेकिन दूसरे को ठगना अच्छा नहीं। संपूर्ण कार्यक्रम विधि पूर्वक प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन एवं पं. प्रवीणचंद जैन शास्त्री द्वारा संपन्न कराए जा रहे हैं। वहीं प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता द्वारा धर्म की व्याख्या सरल शब्दों में की गई। भगवान ऋषभदेव के छठे भव के बारे में प्रकाश डाला गया। सौ. मंगला सुभाष साहू, सुषमा राकेश जैन, जंबूद्वीप-हस्तिनापुर ने सौभाग्य प्राप्त किया। सायंकाल सत्र में मंडल विधान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंडल सजाओ प्रतियोगिता एवं प्रश्न मंच की प्रस्तुति जंबूद्वीप परिवार के बच्चों द्वारा की गई।
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