मेरठ/सरूरपुर। तीन-तीन हत्याओं में नामजद आरोपी खुले घूम रहे हैं जबकि पीड़ित परिजन घरों में कैद हैं। उन्होंने इसकी शिकायत डीजीपी से की है। पीड़ित का दावा है कि डीजीपी, प्रमुख सचिव व एडीजी ने फोन पर बातचीत करके सुरक्षा का भरोसा दिया है।
सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर-रजापुर में चेतन की 13 जुलाई 2016 को हत्या कर दी गई थी। जिसमें गवाह चेतन की मां सावित्री एवं भाई मितन बने। केस ट्रायल पर आने से पहले तीन फरवरी 2018 को आरोपियों ने पुलिस सुरक्षा में सावित्री की हत्या कर दी और फिर पैरोकार दामाद बबलू को भी 12 मार्च 2018 को मार डाला। ये मामला बड़ा चर्चित रहा था। अनुसूचित जाति के इस परिवार के तीन लोगों हत्या होने के बाद पुलिस-प्रशासन द्वारा परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराई हुई है। तीनों हत्याओं के चश्मदीद मितन ने बताया कि हत्यारोपी अतुल, विपिन, सागर, कुलदीप, जगपाल, मोंटी, मोहन व जगवीर जमानत पर हैं। हालांकि मुख्य आरोपी सुमित जाट अभी जेल में बंद है। आरोपी गांव में खुले घूम रहे हैं। जिससे उसके परिजनों की जान को भी खतरा है। मितन का आरोप है कि इंस्पेक्टर सरूरपुर अरविंद कुमार को आरोपी रिश्तेदार बताते हैं। वहीं, इंस्पेक्टर बीती 29 जुलाई को पीड़ित के घर आए थे। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उन पर समझौता करने का दबाव बनाया।
डीजीपी से शिकायत
हत्यारोपियों और इंस्पेक्टर सरूरपुर से जान को खतरा बताते हुए पीड़ित परिवार ने डीजीपी से शिकायत की है। पीड़ित मितन का दावा है कि डीजीपी, प्रमुख सचिव और एडीजी मेरठ जोन ने फोन पर उससे बातचीत की। उन्होंने तीनों घटनाओं की जानकारी ली और सुरक्षा का भरोसा दिया। हालांकि पीड़ित परिवार को पहले से ही सुरक्षा मिली हुई है।
वर्जन
पीड़ित परिवार को पहले से ही सुरक्षा मुहैया कराई हुई है। यदि उन्हें कोई शिकायत है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ