साइबर ठग गिरोह का सरगना लोहियानगर क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास स्थित मिल्लत पैलेस निवासी अलाउद्दीन पुलिस को चकमा देकर दुबई भाग गया है। आरोपी दिल्ली और दुबई में ऑफिस खोलकर आईटी एक्सपर्ट की मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी कर रहा था। पुलिस उससे जुड़े 36 बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। उसके करीबियों पर भी नजर रखी जा रही है। एडीजी भानु भास्कर ने एसपी सिटी को इस मामले की मॉनिटरिंग और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
लिसाड़ी गेट पुलिस ने सोमवार को अहमद नगर लक्खीपुरा निवासी वकार, नौचंदी क्षेत्र के करीम नगर निवासी शाहरुख, लोहियानगर क्षेत्र अहमद नगर निवासी मोनू व समीर को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 36 एटीएम कार्ड, 27 बैंक पासबुक, 16 सिम कार्ड, 3 चेक बुक, 10 मोबाइल और 50 हजार रुपये बरामद किए थे।
गिरोह का सरगना अलाउद्दीन और मवाना के पहाड़पुरा निवासी सोनू अभी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। पुलिस के मुताबिक वकार अपने आसपास क्षेत्र के गरीब, बेरोजगार व जरूरतमंद लोगों से सरकारी योजना का लाभ दिलाने, नौकरी आदि का लालच देकर उनके कागजात लेकर उनके नाम से बैंकों में खाते खुलवाता था।
वह इसे शाहरुख को बेचता था। शाहरुख इन्हें समीर और मोनू को दे देता था। समीर व मोनू इनके क्यूआर कोड अलाउद्दीन और सोनू को भेजते थे। इन लोगों के खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाते थे। इसे एटीएम और यूपीआई के जरिए निकाल कर आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने हापुड़ रोड स्थित उमर पेट्रोल पंप का मालिक अशरफ चौधरी का नाम भी जांच में शामिल किया है। आरोपी खातों में आई ठगी की रकम पेट्रोल पंप पर डेबिट कार्ड स्वाइप कराकर निकालते थे। इसके बदले पेट्रोल पंप संचालक 20 प्रतिशत कमीशन लेता था।
पुलिस पेट्रोल पंप के बैंक खाते की डिटेल खंगाली रही है। ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, बिहार की पुलिस अलाउद्दीन के बेचे खातों को सीज करवा चुकी है।
एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि अलाउद्दीन की जल्द गिरफ्तारी और इस केस की मॉनिटरिंग के आदेश एसपी सिटी को दिए हैं। सभी जिलों के कप्तानों को साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।