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लखनऊ से आई टीम ने गोआश्रय केंद्र का निरीक्षण किया

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गौ आश्रय केन्द्र माछरा पर निरीक्षण को पहुंची लखनऊ से आई टीम - फोटो : KITHOR
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लखनऊ से आई टीम ने गोआश्रय केंद्र का निरीक्षण किया
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माछरा। अस्थायी गोआश्रय केंद्र का लखनऊ से आई टीम ने बिंदुवार निरीक्षण किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माछरा के पुराने पीएचसी भवन में अस्थायी गोआश्रय केंद्र संचालित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ से आई टीम ने गोआश्रय केंद्र पहुंचकर बिंदुवार निरीक्षण किया। यहां पशुुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. पीके पंवार, सीएमओ आरके सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. संदीप शर्मा, एडीओ शशि शर्मा, एडीओ अमित कुमार एवं कासमपुर के ग्राम प्रधान शिवराज भाटी आदि उपस्थित रहे। बताया कि गोआश्रय केंद्र में छोटे-बडे़ कुल 48 पशु थे। जिनमें से 19 पशुओं को बहलोलपुर, कासमपुर, माछरा आदि गांवों के किसानों को पालन-पोषण के लिए सुपुर्दगी में दिया है। गोआश्रय में 29 पशु मौजूद हैं। संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. पीके पंवार ने सभी अभिलेखों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गोआश्रय केंद्रों को स्वावलंबी बनाने पर विशेष ध्यान दें। गोआश्रय केंद्र आपसी सहयोग से बेहतर स्थिति में आ सकते हैं। यदि कोई ग्रामीण गोआश्रय के पशुओं के लिए सेवादान द्वारा चौकर तथा कुछ धनराशि दें। उसका भी एक रजिस्टर बनाया जाए और जहां पर टिन शेड में गोवंश रहता है। सर्दी से बचाव के लिए टिन शेड के चारों ओर तिरपाल बांधी जाए। जिससे गोवंश का बचाव किया जा सके। इन पशुओं का समय-समय पर डॉक्टरी परीक्षण किया जाए। वहीं, बीमार पशु को दवा दी जाए।
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गोआश्रय के संचालक कासमपुर के ग्राम प्रधान शिवराज भाटी ने कहा कि 30 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन के हिसाब से कम हैं। इस राशि को बढ़ाया जाए। पशुओं की देखरेख के लिए मजदूर रखे गए हैं। उनका मानदेय देना पड़ता है। संयुक्त निदेशक पीके पंवार ने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा ही संभव है।
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