केसरिया रंग में रंगने लगा कांवड़ पटरी मार्ग
सरधना। गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी हैं। भोले की बम के जयकारों से कांवड़ मार्ग केसरिया रंग में रंगने लगा हैं। वहीं दूसरी ओर अभी भी कांवड़ मार्ग पटरी पर धड़ल्ले से भारी वाहन दौेड़ रहे है। प्रशासन भारी वाहनों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है। वहीं, कांवड़ मार्ग पर भोलों की सेवा के लिये ग्रामीणों ने सेवा शिविर लगाने शुरू कर दिए हैं। हवन पूजन के साथ कांवड़ सेवा शिविरों का शुभारंभ किया गया। इस बार सेवा शिविर संचालकों के द्वारा कांवड़ सेवा शिविरों को वाटर प्रूफ बनाया गया हैं। जिससे बारिश के समय परेशानी न उठानी पड़े।
सरधना क्षेत्र में गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर बृहस्पतिवार को राजस्थान के कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ गई। कांवड़ मार्ग केसरिया रंग में रंगा दिखाई दिया और शिव भोले की बम के जयकारों से गुंजायमान हो गया। सलावा झाल पुल से लेकर भोला झाल पुल तक जगह-जगह सेवा शिविर लगाये गये हैं। बृहस्पतिवार को कपसाड़ के सेवा शिविर का शुभारंभ पंडित सेवाराम शर्मा ने हवन पूजन कर कराया। इस मौके पर ग्राम प्रधान पति मुकेश उर्फ हप्पू, पूर्व प्रधान बृजपाल, अनिल कुमार, श्याम गोपाल, नीरज कुमार, मनोज कुमार, जगपाल शर्मा, अमित शर्मा, योगेश शर्मा, योगेश सोम, कुवरपाल उर्फ कुरमी, नरेद्र, रमेश, महेश आदि मौजूद रहे।
उधर अटेरना गंगनहर पुल पर अटेरना के ग्रामीणों ने शिवर का शुभारंभ हवन के साथ किया। इस दौरान सोमपाल सिंह, किरणपाल सिंह, मोंटी सोम, अमित कुमार, कुलदीप, राकेश कुमार, शिवकुमार, मनोज कुमार, चंद्रपाल आदि मौजूद रहे। कुलंजन में शिविर के शुभारंभ पर दीपक मित्तल, मुदित गर्ग, सचिन खटीक आदि मौजूद रहे। इसी के साथ सरधना, नानू गंगनहर पुल पर भी कांवड़ सेवा शिविरों का संचालन शुरू हो गया। इस बार ग्रामीणों ने कांवड़ सेवा शिविर वाटर प्रूफ लगाये हैं, ताकि कांवड़ियों को बारिश के दौरान कोई परेशानी न हो। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पुलिस द्वारा मार्ग पर भारी वाहनों को आवगमन नहीं रोका गया है।