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Meerut News: बारिश की फुहारों के बीच भगवामय हुआ कांवड़ मार्ग

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सरधना। चौ. चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग से ​शिव स्वरूप की कांवड़ लेकर जाता भक्त। संवाद
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- दिनभर गंगनहर पटरी मार्ग जयकारों से गूंजती रहा
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- हजारों कांवड़ियों की आवाजाही से पूरा मार्ग केसरिया रंग में रंगा दिखाई दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सावन माह में मंगलवार को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग और गंगनहर पटरी पूरी तरह शिवमय नजर आई। रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के जत्थे लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। हजारों कांवड़ियों की आवाजाही से पूरा मार्ग केसरिया रंग में रंगा दिखाई दिया, जबकि बोल बम, हर-हर महादेव, जय महाकाल और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंगलवार को विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से आए कांवड़ियों के बड़े-बड़े जत्थे गंगनहर पटरी से गुजरे। बारिश की फुहारों के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। डीजे पर बज रहे भोलेनाथ के भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते नजर आए। कई कांवड़ियों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया था। वाहनों पर भगवान शिव परिवार, राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं स्थापित थीं, जबकि अधिकांश कांवड़ों पर तिरंगा शान से लहराता दिखाई दिया।
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हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्त देर रात तक अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविरों में स्थानीय लोग दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।
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पति के स्वास्थ्य की कामना लेकर निकली उषा देवी
राजस्थान के अलवर निवासी उषा देवी भी भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था के साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह 31 जुलाई को हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई थीं। सावित्री ने कहा कि वह अपने पति के उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए यह यात्रा कर रही हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव का स्मरण करते हुए लंबी दूरी तय करने में किसी प्रकार की थकान या कष्ट महसूस नहीं होता।
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नन्हे कदमों में भी दिखी शिवभक्ति
कांवड़ यात्रा में छोटे-छोटे बच्चों का उत्साह भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विवेक, सूरज, नंदनी निवासी दिल्ली जैसे मासूम बच्चे भी पूरे जोश और श्रद्धा के साथ पैदल यात्रा कर रहे हैं। ये बच्चे 300 किलोमीटर तक की दूरी तय कर हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए जा रहे हैं। हरियाणा, राजस्थान के अलवर और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से आए इन बाल शिवभक्तों का कहना है कि भगवान शिव की सेवा और कांवड़ यात्रा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

सरधना। चौ. चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग से शिव स्वरूप की कांवड़ लेकर जाता भक्त। संवाद

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