संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। श्रावण मास के पावन अवसर पर चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग शुक्रवार को शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों और जल लेने जा रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गंगनहर पटरी दिनभर गुलजार रही। उमस और गर्मी के बावजूद शिवभक्त हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ उत्साहपूर्वक अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे।
सलावा, सरधना, नानू, अटेरना, भलसोना पुल और पूठखास पुल सहित पूरे कांवड़ मार्ग पर भगवा वस्त्रधारी शिवभक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। कहीं डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर कांवड़िये झूमते नजर आए तो कहीं श्रद्धालु सजी-धजी कांवड़ लेकर अनुशासित ढंग से यात्रा करते दिखे। पूरे मार्ग पर शिवभक्ति का माहौल बना रहा।
हरियाणवी और भोजपुरी भजनों पर थिरके शिवभक्त
इस वर्ष कांवड़ यात्रा में हरियाणवी और भोजपुरी भक्ति गीतों की विशेष धूम देखने को मिली। डीजे पर बज रहे शिव भजनों, शिव चालीसा और धार्मिक गीतों की धुन पर शिवभक्त नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे। राजस्थान से आए कई कांवड़िये फूलों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित कलात्मक कांवड़ लेकर पहुंचे, जो राहगीरों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
आस्था के आगे फीकी पड़ी गर्मी
शुक्रवार की सुबह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा, जिससे कांवड़ियों को राहत मिली। हालांकि दोपहर में तेज धूप और उमस बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। आस्था के बल पर शिवभक्त लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विश्राम और सेवा शिविर भी संचालित होते रहे।
600 किलोमीटर की यात्रा भी नहीं लगती कठिन
जयपुर राजस्थान से आए शिवभक्त हृदयेश मीणा ने बताया कि वह 12वीं बार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल परंपरा नहीं बल्कि भगवान शिव से आत्मिक जुड़ाव का माध्यम है। उनके साथ आए गंगाराम देव, विश्वेश और अमर सिंह मीणा ने बताया कि उनकी सात सदस्यीय टोली 14 दिन की यात्रा पर निकली है। करीब 600 किलोमीटर की दूरी तय करने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की थकान महसूस नहीं होती, क्योंकि शिवभक्ति उन्हें निरंतर ऊर्जा देती है।
महिला श्रद्धालुओं का भी बढ़ा उत्साह
इस बार कांवड़ यात्रा में महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। कई स्थानों पर महिलाओं के जत्थे कांवड़ लेकर पैदल यात्रा करते दिखाई दिए। डफली, झांझ और भक्ति गीतों के साथ शिवभक्ति में लीन महिलाएं पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ती रहीं। महिला श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान शिव की कृपा और अटूट आस्था ही उन्हें इस कठिन यात्रा को पूरा करने की शक्ति देती है।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
उप जिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर ने बताया है कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पूरे कांवड़ मार्ग पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे तथा संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। तहसील क्षेत्र में करीब 100 स्थानों पर सेवा शिविर संचालन के लिए अनुमति जारी कर दी गई है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। चिकित्सा सहायता के लिए एंबुलेंस और फर्स्ट एड टीमों की भी तैनाती की गई है।
सरधना। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर शुक्रवार को जल लेकर गंतव्य की ओर बढ़ते शिवभक्त। संव