तीन दिन पहले 12 वर्षीय एक बच्ची क्षेत्र के गांव में ननिहाल में आई हुई थी। वह बीते शनिवार को घर के बाहर खेल रही थी। उसी गांव की एक महिला बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ जंगल में ले गई। वहां दो युवकों ने महिला के सामने ही उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद बदहवास हालत में आरोपी महिला बच्ची को अपने घर ले आई। उधर, बच्ची के परिजन भी ढूंढते हुए उक्त महिला के घर पहुंच गए।
उन्होंने बच्ची से पूछताछ की तो घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजन समेत कई दर्जन महिला एवं पुरुष बच्ची को लेकर थाने पहुंचे थे। वहां पुलिस ने बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा। वहीं, पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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हालांकि रविवार सुबह तक पुख्ता कार्रवाई नहीं की। इस पर गांव में पहले लाउड स्पीकर से एलान किया गया तथा बाद में पंचायत बुलाई। पूर्वाह्न करीब 11 बजे से पंचायत हुई। इसमें सैकड़ों महिला एवं पुरुष वहां पहुंचे। पंचायत में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि महिला अक्सर ऐसा काम कराती है। इस पर ग्रामीणों ने उसे गांव से निकालने की मांग उठाई। आरोपी महिला पक्ष ने इसका विरोध किया। इस पर पीड़ित पक्ष उग्र हो गया।
वहीं, पंचों ने महिला को परिवार समेत गांव छोड़ने का फरमान जारी कर दिया। इस पर पीड़ित पक्ष के महिला एवं पुरुष बड़ी संख्या में आरोपी महिला के मकान में तोड़फोड़ करने के इरादे से चल दिए। हालांकि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा भीड़ को रोका। कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। वहीं, पंचों को भी चेतावनी दी। हालांकि पुलिस गांव में पंचायत के आयोजन से इनकार कर रही है।
पुलिस द्वारा समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए गांव में भीड़ एकत्र हो गई थी। कुछ लोग आरोपी महिला के मकान की तरफ जा रहे थे। उन्हें रोका गया। वहीं, मेडिकल जांच में भी बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। -मनीष बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक थाना खरखौदा