परीक्षितगढ़। कब्रिस्तान की भूमि का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किठौर तिराहे के समीप करोड़ों की जमीन है। भूमि पर मुस्लिम समाज का कब्रिस्तान है। भूमाफिया द्वारा मिट्टी डालकर भराव कर दिया गया है। गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे और तहसील टीम से निष्पक्ष जांच कर कब्रिस्तान की भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की। विवादित भूमि की जांच के दौरान मुस्लिम समाज व अन्य समाज के लोगों की लेखपाल से तीखी नोकझोंक भी हुई। मुस्लिम समाज के लोगों में आक्रोश है।
नगर के किठौर तिराहे पर खसरा नंबर 1468 वर्षों से कब्रिस्तान की भूमि है। रकबा 510 वर्ग मीटर है। इसमें पुरखों की कब्रें हैं। तिराहे के समीप होने पर भूमि बेशकीमती है। भूमाफिया व अन्य पांच लोगों ने 22 मई की रात मिट्टी डालकर भराव कर कब्जा कर लिया। भूमाफिया विरोध करने पर जान से मारने की धमकी व फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। धमकी मिलने से परिवार के लोग भयभीत हैं।
गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज जिलाधिकारी व सांसद संजय चौहान से जांच कराकर कब्रिस्तान की भूमि कब्जा मुक्त कराकर चहारदीवारी कराने की मांग कर चुके हैं। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे तहसील प्रशासन की टीम में शामिल नायब तहसीलदार अंकित तोमर, रितेश सैनी, लेखपाल अजय उपाध्याय ने विवादित भूमि की जांच कर पैमाइश की। पैमाइश के दौरान गुल्लू प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज व अन्य समाज के लोगों की लेखपाल अजय उपाध्याय से तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान सड़क मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।
मुस्लिम समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की टीम में शामिल अधिकारियों ने जांच के नाम पर खानापूर्ति की है। कब्रिस्तान की भूमि की पैमाइश नहीं की है। इससे साफ जाहिर होता है कि भूमाफिया के साथ तहसील टीम मिली हुई है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की जाएगी।
इस दौरान पूर्व प्रधान वहाब अली, रालोद नेता बिजेंद्र भाटी, प्रधान जरीफ, गुड्डू सैफी, अमरीश उर्फ गुड्डू, तरीकत, वरीश, इकरार, दिलशाद, संदीप, फारूख, इकबाल, मौलाना आरिफ, बारी, जावेद, मेहरबान, रिजवान, अफजाल अन्य लोग मौजूद रहे।