परीक्षितगढ़। नगर स्थित परीक्षितगढ़ इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं उनके सहयोगी द्वारा कॉलेज में लाखों रुपये का गबन व सहायक शिक्षकों से अभद्रता के मामले में शनिवार को प्रबंधक संचालक सोनू शेखर ने कॉलेज पहुंचकर शिकायत की जांच की। वहीं, प्रधानाचार्य के नहीं मिलने पर उन्होंने डीआईओएस को रिपोर्ट भेजने की जानकारी दी।
परीक्षितगढ़ इंटर कॉलेज के सहायक शिक्षकों ने प्रधानाचार्य पर लाखों रुपये का गबन व अभद्रता करने की शिकायत प्रबंधक संचालक से की थी। जिस पर बीती 11 दिसंबर को प्रबंधक संचालक ने टीम गठित कर मामले की जांच कराई थी। वहीं, स्कूल के पीटीए कोष में बीती एक फरवरी को तीन लाख 48 हजार 562 रुपये थे। इसके पश्चात दो दिसंबर को मात्र 2728 रुपये खाते में मिले। जांच टीम ने प्रधानाचार्य से फाइल व कैश बुक दिखाने की बात कही तो उन्होंने गुम हो जाने की जानकारी दी थी। वहीं, जांच के दौरान टीम को स्कूल के शौचालय के समीप फाइल, कैश बुक एवं अन्य दस्तावेज खुर्द बुर्द मिले। जिस पर जांच टीम ने प्रधानाचार्य और उनके सहयोगी के खिलाफ लाखों रुपये के गबन की थाने में तहरीर दी थी।
प्रबंधक संचालक सोनू शेखर के नेतृत्व जांच टीम में शामिल देवीशंकर त्रिपाठी, विनोद मौर्या, दुष्यंत कुमार शनिवार को कॉलेज पंहुचे। जांच टीम करीब तीन घंटे तक कॉलेज में मौजूद रही। इसके बावजूद प्रधानाचार्य कॉलेज नहीं पहुंचे। इस बाबत प्रबंधक संचालन सोनू शेखर ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने कॉलेज के लाखों रुपये का गबन कर रखा है। वहीं, फाइल, कैश बुक को खुर्दबुर्द कर दिया है। इसके बावजूद प्रधानाचार्य अपने पक्ष में सबूत पेश करने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं, प्रबंध संचालन ने इस मामले की रिपोर्ट डीआईओएस को सौंपने की जानकारी दी। इस संबंध में प्रधानाचार्य राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि तबीयत खराब हो जाने के कारण वे कॉलेज में उपस्थित नहीं हो सके।