फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डूडा से भेजी किस्त दो साल बाद भी खाते में नहीं पहुंची

विज्ञापन
विज्ञापन
लावड़। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंर्तगत बनाए जा रहे मकान विभाग की उदासीनता एवं लापरवाही की भेंट चढ़ते नजर आ रहे हैं। दरअसल कस्बे के पात्र व्यक्ति के बैंक खाते में जहां विभाग दो साल पहले पहली किस्त डाले जाने के दावे कर रहा है, वहीं पात्र अभी तक किस्त प्राप्त नहीं होने की जानकारी दे रहा है। उसने इस बाबत नगर पंचायत एवं डूडा विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिए, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
विज्ञापन

दो साल पहले पात्रता सूची में आया नाम
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कस्बे के वार्ड 13 निवासी तसलीम पुत्र तमकीन ने कच्चे मकान को पक्का करने के लिए आवेदन किया था। सर्वे के बाद तसलीम का नाम पात्र सूची में डाल दिया गया। दो साल बीतने के बाद भी उसे पहली किस्त प्राप्त नहीं हो सकी। उसने इस मामले को लेकर नगर पंचायत एवं डूडा से संपर्क किया तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। उसे जानकारी हुई कि पहली किस्त के रूप में उसके खाते में 50 हजार रुपये भेज दिए गए। हालांकि उसे यह किस्त प्राप्त नहीं हो सकी। जिससे वह मकान पक्का नहीं करा पाया, परंतु नगर पंचायत उसे लगातार मकान बनाने के लिए नोटिस जारी करता रहा है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तसलीम के खाते में पैसा तो भेजा गया, लेकिन उसे प्राप्त नहीं हो सका। वह सोमवार को नगर पंचायत पहुंचा तथा फिर से अपनी समस्या उठाई। इस पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने लिस्ट देखी और उसके खाते में पहली किस्त आने की उसे जानकारी दी। इस पर पीड़ित ने बैंक की स्टेटमेंट भी ईओ को दिखाई। लिस्ट चेक करने के दौरान आईएफएसई कोड का मिलान किया गया तो वह गलत निकला। डूडा विभाग की लापरवाही के कारण पहली किस्त खाते में डालने के दौरान आईएफसी कोड गलत डाल दिया गया। जिस कारण पीड़ित को पहली किस्त प्राप्त नहीं हुई और लगातार उसे नोटिस जारी किए गए।
विज्ञापन

नगर पंचायत ने डूडा को लिखा पत्र
मामले का खुलासा होने के बाद अब नगर पंचायत ने इसमें सुधार करने के लिए डूडा को पत्र लिखा है। जिससे तसलीम को पहली किस्त के 50 हजार रुपये जल्द मिल सके। वहीं, तसलीम को दोबारा अपने कागज जमा करने के लिए कहा गया है।
13 लाभार्थियों को दो साल से नहीं मिली दूसरी किस्त
13 लाभार्थियों का पक्के मकान का सपना दो साल से अधूरा है। दरअसल दो साल पहले इन पात्रों के खातों में पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये भेज दिए गए, लेकिन इसके बाद दूसरी किस्त उनके खाते में नहीं भेजी जा सकी है। जिस कारण उनके मकान अधूरे पड़े हैं। सोमवार को ईओ ने ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार कराकर डूडा को भेजी है। जिससे इनको दूसरी किस्त प्राप्त हो सके और वे अपने मकान का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कर सके।
नाम वार्ड समय/कारण
शहनाज पत्नी इकबाल 4 डेढ़ वर्ष
खुशनुमा पत्नी तहसीन 2 ,,
तफसीर पत्नी अहसान 2 ,,
रामपाल पुत्र सूरजमल 11 ,,
प्रदीप कुमार पुत्र रमेश सैनी 7 ,,
रेखा देवी पत्नी राजकुमार 14 ,,
फैयाजन पत्नी यामीन 6 ,,
प्रेमचंद पुत्र राजवीर 10 ,,
वसीम पुत्र मुन्ना 5 1 वर्ष
साबश पत्नी अजीत 5 1 वर्ष
दयावती पत्नी प्रदीप 7 5 माह
गजेंद्र पुत्र सुक्कन 12 कार्य शुरू नहीं किया
तसलीम पुत्र तमकीन 13 आईएफएसई कोड
में गलती
नोट-नगर पंचायत से प्राप्त आंकड़े उनके हैं जिन्हें द्वितीय किस्त नहीं मिल सकी। तसलीम को पहली किस्त भेजी गई परंतु आईएफएसई कोड के कारण प्राप्त नहीं हुई।
वर्जन
आईएफएसई कोड था गलत
लाभार्थी तसलीम के खाते में पहली किस्त भेजे जाने की सूची उन पर है। इसलिए तहसील को मकान का निर्माण जल्द कराए जाने के लिए नोटिस भेजा गया था। पात्र का दावा था कि उसे पहली किस्त नहीं मिली। आईएफएसई कोड का मिलान किया गया तो वह गलत निकला, जिस कारण पात्र को किस्त प्राप्त नहीं हुई। विभाग को पत्र लिखा गया है। वहीं, अन्य 13 लाभार्थियों की जल्द दूसरी किस्त दिलाने के लिए भी सूची बनाकर डूडा विभाग को भेजी गई है।-सुधीर सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लावड़
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें