फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच टीम को गोशाला में मिलीं खामियां

विज्ञापन
हस्तिनापुर में गौआश्रय स्थल में गायों की जांच को पहुंची टीम। - फोटो : MAWANA
विज्ञापन
मवाना/हस्तिनापुर। लखनऊ से सोमवार शाम आई टीम ने उपजिलाधिकारी के साथ गोवंश आश्रय स्थल विकास खंड मवाना तथा हस्तिनापुर के निकट स्थित मालीपुर श्रीगोशाला का निरीक्षण किया। गोवंश को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद चारे का मात्रक भी जाना। इस अवसर पर टीम के साथ खंड विकास कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार गोवंश को मिलने वाली सुविधाओं के निरीक्षण के लिए लखनऊ से गठित टीम सोमवार शाम को गोवंश आश्रय स्थल विकास खंड पर उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव के साथ पहुंची। टीम में डॉ. पीके पंवार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सीवी सिंह, परियोजना निदेशक भानु प्रताप सिंह आदि थे। टीम ने मौके पर जाकर पशुओं के लिए बनाए गए भूसा गोदाम तथा उसमें रखे भूसे आदि की जांच की। पशुओं की संख्या एवं रिकार्ड आदि की जांच की।
वहीं, हस्तिनापुर के निकट स्थित मालीपुर श्री गोशाला में उप जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव के साथ पहुंची टीम में लखनऊ से आए डॉॅ. पीके पंवार, सीवी सिंह मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, भानु प्रताप सिंह परियोजना निदेशक आदि ने निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने गोवंश को मिलने वाले चारे का मात्रक एवं मौसम से संबंधित रहन सहन की गतिविधियों एवं बीमार पशुओं के उपचार हेतु दिए जाने वाले ट्रीटमेंट, पशुओं को पिलाए जाने वाले पानी का मात्रक आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने मात्रक के अनुरूप नहीं पाए जाने वाली वस्तु के बारे में खंड विकास कार्यालय के अधिकारियों को तुरंत दुरुस्त करने की हिदायत दी। इस समय मालीपुर स्थित श्रीगोशाला में 346 गोवंश हैं। उनकी देखरेख का जिम्मा खंड विकास अधिकारी शैलेंद्र कुमार को सौंपा गया है। उन्हीं की देखरेख में श्री गोशाला आश्रय स्थल संचालित किया जा रहा है। यहां विनीत भटनागर प्रभारी खंड विकास अधिकारी, डॉ. राकेश कुमार प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी हस्तिनापुर, आदिल बाबू, नरेंद्र सिंह ग्राम सचिव, राजेंद्र बाबू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें