सरूरपुर। गांव डाहर में बंद मकान में निकला प्रचीन कुआं। ग्रामीण
सरूरपुर। गांव डाहर में बेदी पुत्र चंदर के बंद पड़े मकान में अचानक जमीन धंसने से एक प्राचीन कुआं निकला है। प्राचीन कुआं निकलने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बुजुर्गों का मानना है कि यह कुआं करीब 300 साल पुराना हाे सकता है।
ग्राम प्रधान हरप्रीत देवी के परिवार के सदस्य बेदी पुत्र चंदर पिछले 40 साल से दिल्ली में रहते हैं। गांव में स्थित उनका मकान बंद पड़ा हुआ है। मकान में गांव निवासी एक युवक ने अपना समान रखा हुआ है। कमरे की कच्ची छत होने के कारण बारिश का पानी कमरे में भर गया। युवक ने सामान निकालने के लिए जब कमरे का गेट खोला तो उसे जमीन धंसी दिखाई दी। उसने मिट्टी से कमरे में बने गड्ढे को भरने का प्रयास किया तो मिट्टी करीब 20 फीट तक धंस गई। उसने मामले की सूचना प्रधान पुत्र संदीप को दी।
ग्रामीणों के साथ संदीप मौके पर पहुंचे और पड़ताल की तो सामने आया कि मकान के अंदर 20 फीट गहरा कुआं है। जो प्राचीन समय के अनुसार छोटी ईंटों से बना हुआ है। मकान में कुआं निकलने की सूचना से मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने कुएं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने पर आसपास के लोग डाहर गांव में प्राचीन कुएं को देखने पहुंचे।
गांव के बुजुर्ग लोगों का मानना है कि इस मकान के नीचे कोई प्राचीन कुआं रहा होगा। इस पर बाद में मकान बना दिया गया। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि उनकी याद में यहां कोई कुआं मौजूद नहीं था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कुआं प्राचीन हो सकता है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना है कि मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी।