मेरठ। आपने शायद 50 रुपये का नया नोट देखा भी नहीं होगा या 200 का नया नोट हाथ में नहीं लिया होगा। लेकिन माला बनाकर नोट बेचने वालों के लिए इन नोटों की कोई कमी नहीं है। शहर के बाजार में इन नोटों की माला खूब मिल रही है। दूल्हों के लिए बनने वाली इन मालाओं में इस तरह के नोट खूब लगाए जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि जहां अधिकतर बैंकों में उपभोक्ताओं को नए नोट न होने की बात कही जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ माला बनाने वालों के पास नोटों की कोई कमी नहीं है।
शहर की एसबीआई चेस्ट ब्रांचों में तीन सप्ताह पूर्व 200 के नोटों की करेंसी आ गई थी। कुछ दिन पूर्व 50 के नए नोट भी आ गए। कैंट स्थित एसबीआई ब्रांच के एजीएम ने दावा किया था कि उनकी चेस्ट ब्रांच से जुड़े शहर के 36 बैंकों को नई करेंसी के 10-10 पैकेट भेजे गए हैं। एक खाताधारक को 10 से ज्यादा नोट नहीं दिए जाने थे। लेकिन ये नोट बैंकों में कब पहुंचे और कब खत्म हो गए, लोगों को इसका पता ही नहीं चला। 50 के नोटों की जानकारी तो किसी को मिली तक नहीं। शादियों का सीजन है, लोग भी चाहते हैं कि शगुन नए नोट से दिया लाए। नए नोट की चाहत में बैंक जाते हैं तो पता चलता है कि नोट खत्म हो गए।
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