मेरठ। ब्रह्मपुरी थाने के निकट एक नर्सिंग होम में भर्ती दलित महिला मरीज से दुराचार के प्रयास का मामला सामने आया है। आरोप है कि नर्सिंग होम मालिक के बेटे ने चेक अप के नाम पर महिला के साथ ये घिनौनी हरकत की। महिला के शोर मचाने पर उसे पकड़ने की कोशिश की गई तो वो मारपीट कर भाग गया। गुस्साए परिजनों ने थाने जाकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। बताया जाता है कि आरोपी भी डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है।
ब्रह्मपुरी थाने के निकट स्थित इंद्रप्रस्थ नर्सिंग होम में टायफायड पीड़ित 23 वर्षीय एक दलित महिला भर्ती थी। आरोप है कि रविवार तड़के चार बजे नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर अरुण वर्मा का बेटा मयंक महिला के कमरे में गया और चेक अप के नाम पर महिला के साथ छेड़खानी करने लगा। उसने महिला के कपडे़ उतारने की कोशिश की तो महिला की चीख निकल गई। पास में ही सो रही महिला की मां की आंख खुल गई। उसने मयंक को पकड़ने की कोशिश की तो वो गालियां देने लगा। उसके साथ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।
महिला ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। गुस्साए परिजन आरोपी की तलाश में नर्सिंग होम पहुंचे लेकिन वो नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने ब्रह्मपुरी पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस ने अस्पताल के संचालक, स्टाफ और मरीजों से बात की। बाद में परिजनों ने थाने जाकर घटना की तहरीर दे दी।
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डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा आरोपी
यूपी पुलिस
प्रभारी थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी मयंक के खिलाफ छेड़खानी, मारपीट, एससी एसटी एक्ट आदि धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अस्पताल में जानकारी करने पर पता चला है कि मयंक भी बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा है।
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सीसीटीवी फुटेज से फंसेगा आरोपी
प्रभारी एसओ ब्रह्मपुरी विनय कुमार ने बताया कि नर्सिंग होम में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। घटना की सच्चाई जानने को उन्होंने पीड़ित पक्ष द्वारा बताए गए घटना के वक्त की सीसीटीवी फु टेज चेक की। आरोपी मयंक महिला मरीज के कमरे से निकलता हुआ नजर आ रहा है। सुबह चार बजे वो महिला मरीज के कमरे में क्यों गया? जबकि महिला मरीज को कोई तकलीफ नहीं थी, ना ही उन्होंने कोई शिकायत की थी। फुटेज के आधार पर प्रथम दृष्टया पीड़ित पक्ष के आरोपों की पुष्टि हो रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
बेवजह फंसाने की कोशिश
नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर अरुण वर्मा ने बताया कि मरीज के परिजनों पर इलाज का करीब 20-25 हजार से अधिक बिल हो गया था। उन्हें रविवार को छुट्टी देने को भी कह दिया गया था, लेकिन बेवजह ये लोग उनके बेटे पर आरोप लगा रहे हैं। वो बेटा कमरे में गया जरूर था, लेकिन कुछ ही देर में आ गया था।
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