मेरठ। नगर निगम में ठेका प्रथा खत्म करने के मामले में शासन ने सोमवार को रिपोर्ट मांग ली। ठेका प्रथा खत्म करने के लिए शनिवार को भी सफाई कर्मचारियों ने महापौर-नगर आयुक्त का सदन के बाहर विरोध किया था।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने मेरठ में दौरे के दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर निगम में ठेका प्रथा खत्म करने की मांग रखी थी। महापौर के इस प्रस्ताव पर शासन में संज्ञान लिया है। सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों को शासन का पत्र मिला है। इसमें महापौर के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए निगम में कर्मचारियों की ठेका प्रथा मामले में रिपोर्ट मांगी है। अब नगर निगम 20 साल का रिकॉर्ड शासन को भेजेगा। वर्ष 2017 से पहले सपा सरकार में किन परिस्थितियों में ठेका प्रथा लागू की गई थी और अब उसको कैसे समाप्त किया जा सकता है।
कर्मचारियों को के हितों को देखते हुए शासन ने ठेका प्रथा पर विचार विमर्श करने की बात कही है। महापौर का कहना है कि वर्ष 2023 में नगर निगम की कमान समझते ही सफाई कर्मचारियों के ठेका प्रथा खत्म करने की मांग का मामला उठाया है। लगातार शासन को पत्र भेजकर अवगत भी कराया जा रहा है। निगम के अधिकारी भी इस संबंध में शासन को पत्र लिख चुके हैं। अब फिर एक बार शासन ने इस मामले में गंभीरता लेते हुए नगर निगम से पूरी आख्या मांगी।