गमगीन माहौल में हुआ शहीद शहजोर का अंतिम संस्कार
शहीद दरोगा सहजोर सिंह मलिक को 9 वर्षीय बेटे वंश ने मुखाग्नि दी। दरोगा शहजोर मलिक शामली क्षेत्र के गांव लिसाढ़ के रहने वाले थे। बिजनौर में शुक्रवार रात बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव लिसाढ़ लाया गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। परिजनों का कहना है कि बदमाशों ने शहजोर के साथ जो किया पुलिस प्रशासन और सरकार को भी बदमाशों के साथ वैसा ही करना चाहिए। वहीं बेटी प्राची ने कहा कि बदमाशों को मौत की सजा मिलनी चाहिए। दरोगा की मौत से पूरे गांव में शोक छाया हुआ है। इसके अलावा पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक लोगों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर घटना पर दुख जताया।
धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी
दरोगा की धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई
गौरतलब है कि बिजनौर में मंडावर थाने से अपनी चौकी पर लौट रहे बालावाली चौकी इंचार्ज दरोगा सहजोर सिंह मलिक की शुक्रवार शाम बदमाशों ने लूट के बाद धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। उनकी सर्विस पिस्टल भी बदमाश लूटकर ले गए।
चौकी इंचार्ज का शव सड़क के एक ओर धान के खेत में पड़ा मिला है। चौकी इंचार्ज की हत्या से पुलिस में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। डीएम जगतराज व एसपी अतुल शर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
सहजोर सिंह मलिक मंडावर थाने की बालावाली चौकी के इंचार्ज थे। वे शुक्रवार को किसी काम से थाने में आए थे और शाम को ही बाइक से चौकी को लौट गए। रात करीब साढ़े आठ बजे राहगीरों ने सहजोर सिंह मलिक की बाइक गांव गोपालपुर की ओर कांच की फैक्ट्री के पास पड़ी देखी।
उन्होंने आसपास देखा तो सड़क के एक ओर सहजोर सिंह मलिक का रक्तरंजित शव पड़ा था। सहजोर सिंह मलिक की गला काटकर हत्या की गई थी। उनकी सर्विस पिस्टल भी गायब थी। चौकी इंचार्ज की लूट व हत्या की खबर मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया व आसपास के गांव वाले जमा हो गए।
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