माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के विरोध में शनिवार को भी कई व्यापारी संगठनों ने दुकानें बंद रखीं। वहीं कुछ व्यापारियों ने दुकानें खोली, लेकिन शहर में दिनभर सन्नाटा रहा। कुछ व्यापारी तो ऐसे भी सामने आये जिन्हें जीएसटी के बारे में अभी पूरी जानकारी भी नहीं हैं।
वहीं जीएसटी का विरोध कर रहे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल और उद्योग व्यापार मंडल ने शुक्रवार को मेघदूत चौराहे के पास जीएसटी की खामियों का पुतला फूंक गुस्से का इजहार किया था।
व्यापारी संगठनों ने जीएसटी की खामियों को दूर करने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में एसीएम को सौंपा। शहर में खंदक बाजार, घंटाघर, हापुड़ रोड, वैली बाजार, आबूलेन, खैरनगर और सर्राफा बाजार आदि में कुछ दुकानें बंद रहीं, जबकि अधिकांश खुलीं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय महामंत्री लोकेश अग्रवाल ने बताया कि इसके अलावा मवाना, इंचौली, सरधना, खरखौदा आदि में काफी दुकानें बंद रहीं। उन्होंने बताया कि व्यापारियों की मांग है कि सरकार व्यापारिक संगठनों के सुझावों को स्वीकार कर विसंगतियां दूर करे। उन्होंने कहा कि साल में तीन बार विवरणिका दाखिल करना व्यापारियों के लिए समस्या खड़ी करेगा। वहीं, कपड़ा व्यापारियों का बंद चौथे दिन भी जारी रहा। वे 27 जून से बाजार बंद कर इसका विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ, संयुक्त व्यापार संघ तटस्थ भूमिका में रहा। उसने बंद कर रहे व्यापारियों का न समर्थन किया और न ही विरोध।