मेरठ। महानगर की जनता के लिए वर्ष 2020 कुछ अच्छा लेकर आ रहा है। जहां स्मार्ट सिटी बनाने की नींव रखी जाएगी, वहीं शहर बदला-बदला नजर आएगा। इसके लिए उप्र सरकार द्वारा जारी स्मार्ट सिटी योजना पर विकास का खाका तैयार कर लिया है। जहां शहर के चौराहे बदले-बदले नजर आएंगे, वहीं दो एकड़ से बड़े तालाबों में हर समय साफ पानी और किनारों पर चाय कैंटीन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कमिश्नर के निर्देश पर नगर निगम, एमडीए सहित सभी विभागों ने काम शुरू कर दिया है।
स्मार्ट बनेंगे शहर के 158 स्कूल, कॉलेज
स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के 156 प्राथमिक , उच्च प्राथमिक, जीआईसी और जीजीआईसी कॉलेज को स्मार्ट बनाया जाएगा। जहां बिल्डिंग का स्वरूप बदला दिखाई देगा, वहीं ई-लर्निंग क्लास में बच्चे पढ़ाई करते दिखाई देंगे। इसके लिए बजट प्रस्ताव तैयार हो चुका है। यह कार्य नगर निगम कराएगा। फिलहाल बीएसए से स्कूलों की स्थिति और पूर्व में कराए कार्यों का लेखाजोखा लिया जा रहा है।
सभी चौराहे होंगे स्मार्ट
शहर के सभी चौराहे स्मार्ट होंगे। छोटे चौराहों को नगर निगम अपने स्तर से सुंदर बनाने का काम करेगा। जबकि बड़े चौराहों का सौंदर्यीकरण निगम और एमडीए मिलकर करेंगे। निगम ने खैरनगर, बच्चा पार्क, कमिश्नरी चौराहा पार्क पर लाइट, फव्वारा लगाने का काम पूरा कर लिया है। सर्किट हाउस के बाहर भी काम चल रहा है।
तालाबों का होगा सौंदर्यीकरण
शहर में दो एकड़ से बड़े तालाबों के सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया। स्मार्ट सिटी के बिंदुओं पर गौर करें तो तालाबों की खुदाई के बाद उसमें पंप से स्वच्छ पानी भरा जाएगा। तालाबों की चार दिवारी करके सीढ़ियां बनाई जाएंगी। चारों तरफ बगीचा होगा। इससे अधिक बड़े तालाबों पर कैंटीन की भी व्यवस्था होगी।
10 हजार घरों में लगेगी हॉल कंपोस्टिंग यूनिट
स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम ने शहर के 10 हजार घरों में हॉल कंपोस्टिंग यूनिट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसकी शुरूआत जनवरी 2020 से की जाएगी। हॉल कंपोस्टिंग तैयार करने वाले प्रत्येक परिवार को 255 रुपये नगर निगम की तरफ से मिलेंगे। भवन स्वामी को यूनिट एक साल तक संचालित करनी होगी। इसके लिए नगर निगम खाद बनाने का पाउडर भी उपलब्ध कराएगा। तीन बार यूनिट का परीक्षण होगा। इसके बाद ही निगम धनराशि जारी करेगा। ऐसे सभी घरों के बाहर प्लेट लगाई जाएगी।
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नववर्ष में होगी शुरूआत
स्मार्ट सिटी प्रपोजल के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों की शुरूआत नववर्ष से करायी जाएगी। हॉल कंपोस्टिंग यूनिट हो या अन्य कार्य। सभी में मेरठ का नाम गिनीज बुक में दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा। इसमें जनता के सहयोग की भी जरूरत है। -डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, नगरायुक्त