सनातन सत्संग ज्ञान यज्ञ का दूसरा दिन, पंच महाभूतों पर आचार्य बलूनी का प्रवचन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी में चल रहे पांच दिवसीय सनातन सत्संग ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन आचार्य सुशील बलूनी ने श्रद्धालुओं को पंच महाभूतों के गूढ़ विषय पर विस्तृत प्रकाश डाला।
आचार्य ने कहा कि संपूर्ण ब्रह्मांड पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन पंच महाभूतों से बना है। उन्होंने कहा कि जो कुछ इस ब्रह्मांड में है, वहीं मनुष्य के शरीर में भी विद्यमान है। मानव शरीर ब्रह्मांड का सूक्ष्म रूप है। उन्होंने बताया कि इन्हीं पंच महाभूतों से त्रिदोष वात, पित्त और कफ की उत्पत्ति होती है, जो शरीर की संरचना, विकास और क्रियाशीलता के मूल तत्व हैं। शरीर का प्रत्येक अंग और उसकी कार्यप्रणाली इन्हीं पंच महाभूतों तथा त्रिदोषों से नियंत्रित होती है। बताया कि पंच महाभूत केवल भौतिक तत्व नहीं हैं, बल्कि ये हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र की नींव भी हैं। जब इन महाभूतों का संतुलन बिगड़ता है तो शरीर में रोग उत्पन्न होते हैं और प्रकृति में भी असंतुलन दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में पंच महाभूतों का गहरा आध्यात्मिक महत्व है। पृथ्वी स्थिरता, जल पवित्रता, अग्नि ऊर्जा, वायु गति, आकाश अनंतता का प्रतीक है।
इन तत्वों के माध्यम से मनुष्य अपने भीतर और ब्रह्मांड के बीच अद्वैत संबंध को अनुभव कर सकता है। इस प्रकार, ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन का प्रवचन पंच महाभूत, त्रिदोष तथा उनके वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्व को समर्पित रहा। मुख्य यजमान यूनिट हेड केपी सिंह, प्रवीन श्रीवास्तव, परमानंद चौहान, संजीव गुप्ता, जयवीर सिंह, पंकज पवार, आनंद प्रकाश गुप्ता, डीके शुक्ला, डीके जैन, अनुराग गुप्ता शामिल रहे।
रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी में पांच दिवसीय सनातन सत्संग ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन आचार्य सुशील ब