बिजनौर। बागपत में जिस फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति की गई, टेंडर निरस्त कर एफआईआर दर्ज कराई गई। इस फर्म को बिजनौर के बेसिक शिक्षा विभाग में टेंडर दिया गया तो मामला तूल पकड़ गया। शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सेवा प्रदाता कंपनी के लिए जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति होनी है। सेवा प्रदाता कंपनी के चयन के लिए जैम पोर्टल पर निविदाएं आमंत्रित की गई। निविदा खोलने के बाद इसमें मुरादाबाद की फर्म एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप को एल-वन किया गया। बिजनौर निवासी मोहित कुमार ने इस मामले में एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप के खिलाफ सभी साक्ष्य देते हुए डीएम से शिकायत की है। जिसमें कहा गया कि एसकेटी फर्म ने कूट रचित अभिलेखों के जरिए बागपत में बाल संरक्षण विभाग में टेंडर हासिल किया था।
कागजों की जांच में निदेशकों के चरित्र प्रमाण पत्र कूट रचित पाए गए। जिसके बाद दोनों निदेशकों के खिलाफ संरक्षण अधिकारी ने कोतवाली बागपत में 17 सितंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई थी। साथ ही टेंडर को निरस्त कर दिया था।
इसके अलावा सात अक्तूबर 2024 को बागपत के जिला प्रोबेशन अधिकारी की ओर से शासन को पत्र लिखकर फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति की गई थी। बताया गया कि इस फर्म को टेंडर जारी करने में बागपत के जिला प्रोबेशन अधिकारी को भी हटा दिया गया था। अब बिजनौर डीएम से शिकायत करते हुए निविदा को निरस्त करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की मांग उठाई गई है।