खरखौदा। गंगा एक्सप्रेस वे को पांचवें चरण में मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। जिन गांवों का सर्वे होने के बाद निशानदेही हो चुकी है अब उसका एलाइनमेंट बदलने की बात सामने आ रही है। ऐसे में किसान एलाइनमेंट बदलने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने ऐसा करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को गांव बिजौली में ऋषि त्यागी के आवास पर किसानों ने बैठक का आयोजन किया। इसमें किसानों ने कहा कि 600 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे मेरठ क्षेत्र के गांव बधौली, खड़खड़ी, बिजौली, धनौटा, खासपुर, नगला पातू, खेड़ा बलरामपुर सहित 32 गांवों से निकलना तय हुआ था। इसके लिए एलएन मालवीय कंसलटेंट सर्वे करने वाली कंपनी ने इन गांवों का सर्वे कर निशानदेही भी कर दी थी। इन गांवों के बैनामे भी करीब डेढ़ साल पहले बंद हो गए थे। किसानों ने एक अधिकारी पर एलाइनमेंट बदलवाने के प्रयास का आरोप लगाया। अब इस एक्सप्रेस वे को दिल्ली-मेरठ हाईवे से जोड़ने के लिए नए एलाइनमेंट पर तैयारी की जा रही है। अब नया एलाइनमेंट जाहिदपुर गांव से निकालनेे की तैयारी की है। किसानों का आरोप है कि पहले जिन गांवों की जमीन इस एक्सप्रेसवे में आ रही थी उनका सर्किल रेट कम था और जिन गांवों से इसको निकालने की तैयारी की जा रही है उनमें अभी भी जमीन बेची जा रही है। वहीं उन जमीनों का सर्किल रेट भी अधिक है। एलाइनमेंट बदलने से 32 गांवों के किसानों को लाभ नहीं मिल पाएगा। 15 महीने से बंद हुए बैनामों के कारण किसान जमीन भी नहीं बेच सके। पैसे न मिलने के कारण किसान कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। शादी के लिए साहूकारों से कर्ज लेने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि एलाइनमेंट को बदला गया तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस मौके पर फिरेराम धनतला, अशोक धनौटा, आशीष प्रधान, दीपांशु खड़खड़ी, नरेश बिजौली, विशांत त्यागी, बिजेंद्र त्यागी आदि किसान मौजूद रहे।