बिजनौर में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि देश का किसान मुगलों और अंग्रेजों के समय गरीब हुआ था, लेकिन देश आजाद होने के बाद वह कर्जदार हो गया। किसानों के कर्ज और गरीबी को फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देकर ही खत्म किया जा सकता है। डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि किसान खुद भी जैविक खेती कर और अपने खेतों में रासायनिक के बजाए देशी खाद प्रयोग की उपज बढ़ा सकते हैं।
काकरान वाटिका में आयोजित समृद्ध किसान सम्मेलन में उन्होंने कहा कि 500 साल पहले कारखानों के कारण नहीं बल्कि समृद्ध खेती के कारण देश सोने की चिड़िया था। फिर मुगलों और अंग्रेजों के समय में किसान गरीब हुआ, लेकिन देश को आजादी मिलने के बाद किसान कर्जदार हुआ है। आज देश के 13 करोड़ किसान परिवारों में सात करोड़ कर्जदार हैं। पूरे देश के किसानों पर आठ लाख करोड़ का कर्ज है। पहले दो दो साल तक सूखा पड़ने पर भी किसान आत्महत्या नहीं करता था और अब देश में हर साल 12 से 15 हजार किसान आत्महत्या करते हैं। 1995 से अब तक 3 लाख 11 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। अगर कहीं 100 लोग मर जाएं तो हम दुख की वजह से खाना तक नहीं खाते, लेकिन लाखों किसानों की आत्महत्या पर भी किसी की नींद नहीं खुली।
100 रुपये क्विंटल गेहूं, 150 रुपये तोले था सोना
1970 में एक क्विंटल गेहूं का मूल्य 100 रुपये और एक तोले (10 ग्राम) सोने का मूल्य 150 रुपये था। आज एक क्विंटल गेहूं केवल 1500 से दो हजार रुपये क्विंटल ही बिकता है, जबकि एक तोला सोने की कीमत 30 हजार रुपये हो गई। वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में करने का यह मतलब नहीं होता कि फसलों के मूल्य ही न बढ़ाए जाएं। कहा कि अमेरिका में पिछले 40 सालों से फसलों, दूध के दाम नहीं बढ़े फिर भी वहां किसानों ने आत्महत्या नहीं की क्योंकि उत्पादन का पैसा सरकार अमेरिका की सरकार देती है। ऐसे ही देश में भी सरकारों को किसानों को उत्पादन का पैसा देना चाहिए। किसानों को फसल लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिलना चाहिए। अगर किसान को फसल की लागत से भी कम मूल्य दिया जाएगा तो किसान कर्जदार ही होगा।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट अब तक लागू नहीं
स्वामीनाथन आयोग द्वारा 2006 में दी गई रिपोर्ट की सिफारिशों को अब तक लागू नहीं किया गया है। उसमे खेती, किसान को बचाने के लिए लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने की बात कही गई है। अगर यह रिपोर्ट लागू हो गई तो किसानों को गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। उन्होंने किसानों को खुद को समृद्ध करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि वे भी किसान हैं और हर साल दो बार अपने गांव जाकर खेतों में काम करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामदर्शन अग्रवाल, संचालन विहिप के विभाग मंत्री जितेंद्र चौधरी ने की। इस दौरान विहिप के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, जिला संघ चालक डॉ. टीसी अग्रवाल, सीताराम राणा, राजीव अग्रवाल, प्रदीप चौहान, ईश्वरी प्रसाद, कपिल चौधरी, बलराज सिंह, कुंवर वीरेंद्र प्रताप सिंह, अनिल पांडे, मयंक मयूर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, भगवंत ग्रुप के चेयरमैन अनिल सिंह आदि मौजूद रहे।