मृतक का फाइल फोटो और विलाप करते परिजन।
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मेरठ जनपद के हस्तिनापुर में गन्ना क्रय केंद्र पर ट्रक के नीचे भगत सिंह का शव 24 घंटे तक दबा रहा और परिजन उसे इधर-उधर तलाशते रहे। भगत का बेटा शिवम बार-बार इसी बात को दोहरा रहा था कि अगर उन्हें शुक्रवार को हादसे की सूचना मिल जाती तो वह ट्रक को खुद ही सीधा करवा देते। शायद पिता की जान बच जाती।
शिवम के छोटे भाई पिंटू ने बताया कि वह पिता को तलाशते क्रय केंद्र पर पहुंचा तो उन्हें वहां पलटे ट्रक के सिवा कोई नजर नहीं आया। भगत की पत्नी सुरखा देवी ने बताया कि शुगर मिल के अधिकारियों की लापरवाही ने उसकी जिंदगी उजाड़ दी। वह रो-रोकर बेसुध हो रही थी। उसने बताया कि अब दो बेटे और दो बेटियों की परवरिश कौन करेगा। घर में अकेला भगत सिंह ही नौकरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
गुपचुप शव निकालने की थी योजना
बेटे शिवम ने बताया कि उसके पिता शुक्रवार शाम करीब पांच बजे ट्रक के नीचे दबे थे। क्रय केंद्र के संचालक ने उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगने दी। हादसे बाद ट्रक चालक व अन्य लोग मौके से फरार हो गए। वह कई बार क्रय केंद्र पर आया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। उसने आरोप लगाया कि मिल के अधिकारियों का रात में ही शव को ट्रक के नीचे से निकालकर कहीं और रखने का इरादा था।
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जाम करेंगे मवाना शुगर मिल का गेट
हादसे की सूचना पर ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। कहा कि अधिकारी नहीं आए तो मिल गेट पर शव रखकर धरना दिया जाएगा। रात करीब 10 बजे मौके पर एसडीएम पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की।
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