मेरठ के वेस्ट एंड रोड स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर नवरात्रि में विशेष पूजा और अखंड ज्योति के लिए प्रसिद्ध है। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मन्नतें मांगने और भंडारे में भाग लेने आते हैं। पूजा समारोह से क्षेत्र में धार्मिक उत्साह रहता है।
वेस्ट एंड रोड स्थित नवरात्र में होती है एक माह की विशेष पूजा
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। वेस्ट एंड रोड स्थित मां शाकंभरी देवी अखंड ज्योति मंदिर आस्था का केंद्र है। इस मंदिर में 1989 से लगातार अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है। मंदिर की मान्यताओं को देखते हुए दूर दूर से आने वाले मन्नत मांगते हैं और पूरी होने पर भंडारा करते हैं। मां दुर्गा का सौम्य अवतार ही मां शाकंभरी हैं। मंदिर में मां की भव्य मूर्ति विराजमान है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार शाकंभरी देवी का उद्भव दुर्गमासुर नामक राक्षस के अत्याचार से हुआ। जब इस दैत्य ने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त कर वेदों का अपहरण कर लिया। तब पृथ्वी पर अकाल पड़ गया। देवताओं की प्रार्थना पर मां दुर्गा ने शाकंभरी रूप धारण किया और अपनी नेत्रों से वर्षा कराकर शाक सब्जियों से विश्व का पोषण किया। इसी कारण उन्हें शाकाहारी देवी या भरण पोषण करने वाली माता कहा जाता है। दुर्गा सप्तशती में उनकी महिमा का विस्तृत वर्णन है।
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यह प्राचीन मंदिर है लेकिन इसकी विधिवत स्थापना 1989 में प्रवीण गुप्ता भैया जी के द्वारा की गई। मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि शारदीय नवरात्र में प्रतिवर्ष एक माह का आयोजन होता है। इसमें महिलाएं सहारनपुर शाकंभरी देवी मंदिर से अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित कर लाती हैं। शाकंभरी देवी मंदिर में भंडारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि बीते आठ साल तक यह यात्रा पैदल कि जाती थी लेकिन बस में यात्रा पूर्ण होती है। एक माह तक मंदिर में पूजा अर्चना होती है। पूर्णिमा पर विसर्जन किया जाता है।
मंदिर के पुजारी पंडित विनेश वशिष्ठ ने बताया कि नवरात्र में मंदिर में मां का नौ दिनों तक शृंगार किया जाता है। मंदिर में नवरात्र में गाजियाबाद, दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कहा कि मां शाकंभरी देवी से सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।