नगर पंचायत पर उठे सवाल, व्यापारियों ने लगाए पक्षपात के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। मुख्य मार्ग से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पंचायत द्वारा चलाया जा रहा अभियान तीन दिन बाद अचानक बंद हो गया। अभियान रुकते ही लोगों ने कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। जिन लोगों पर कार्रवाई की गई, उनका कहना है कि अतिक्रमण पूरे मार्ग पर फैला हुआ है, लेकिन नगर पंचायत ने सभी पर एक समान कार्रवाई नहीं की।
कमिश्नर के आदेशों के बाद नगर पंचायत ने मुख्य मार्ग पर अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया था। पहले दिन दुकानों के बाहर लगे बोर्ड, टीन शेड और अस्थायी ढांचों को हटाया गया। दूसरे और तीसरे दिन भी अभियान जारी रहा, जिससे मार्ग पर कुछ हद तक यातायात व्यवस्था सुधरा लेकिर तीसरे दिन के बाद अभियान अचानक रोक दिया गया। इससे उन दुकानदारों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई, जिनके अतिक्रमण हटाए गए थे। उनका कहना है कि कार्रवाई चुनिंदा लोगों पर की गई, जबकि कई स्थानों पर अब भी अवैध कब्जे बने हुए हैं। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि अगर अभियान चलाया गया है तो सभी पर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। किसी को राहत और किसी पर सख्ती से प्रशासन की मंशा पर सवाल उठते हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अभियान के दौरान पहले से कोई ठोस सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिससे रोजी-रोटी पर असर पड़ा।
वर्जन
शनिवार को थाना समाधान दिवस और रविवार को छुट्टी के कारण अभियान को रोका गया है। इसे फिर से चलाया जाएगा। सभी का अतिक्रमण हटाया जाएगा। यह पूरी तरह निष्पक्ष रहेगा।
राजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत हस्तिनापुर