मेरठ कोतवाली इंस्पेक्टर नीरज मलिक ने बुजुर्ग हज्जन अनीसा और उसके बेटों के बीच चल रहे विवाद में समझौता करा दिया है। अनीसा अब अपने छोटे बेटे के साथ मकान के नीचे वाले हिस्से में रहेगी।
अनीसा का आरोप था कि उसका ढाई करोड़ रुपये की कीमत का मकान है, जिसे उसके चार बेटे कब्जाना चाहते हैं। जिस कारण वह लोग उसे अलग-अलग तरह की यातनाएं देते हैं। बुजुर्ग महिला ने शनिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर चारों बेटों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
कोतवाली निवासी हज्जन अनीसा शनिवार दोपहर रोती-बिलखती एसएसपी ऑफिस पर पहुंची थी। आरोप था कि शोहर का देहांत होने के बाद उसके बेटे अपने नाम पर मकान कराने का दबाव बना रहे हैं और समय पर खाना भी नहीं देते हैं।
एक बेटा तो यहां तक कहता है कि वह अपनी पत्नी को जला देगा और उस पर आरोप लगा देगा। वहीं, दूसरा बेटा कहता है कि वह घर छोड़कर चली जाए नहीं तो उसे जान से मार देंगे। बुजुर्ग ने अपनी बहुओं पर भी पीटने का आरोप लगाया था। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने कोतवाली इंस्पेक्टर नीरज मलिक को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
रविवार को इंस्पेक्टर ने बुजुर्ग महिला और उसके बेटों को थाने बुलाकर उनके बीच समझौता करा दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि वह नीचे के हिस्से में रहना चाहती थी, जिस कारण उनके बीच विवाद चल रहा था। अब वह नीचे के हिस्से में ही रहेगी।