मंडराया जान पर संकट
सेंक्चुरी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली जलालपुर जोरा के समीप गंगा की धारा डॉल्फिन के लिए अनुकूल मानी जाती है। लेकिन अब यहा डॉल्फिन अभयारण्य क्षेत्र में डॉल्फिन की जिंदगी पर खतरा मंडराने लगा है। इन दिनों गंगा का जल स्तर काफी कम हो जाता है जिसके चलते सांस लेने और खाने की तलाश में डॉल्फिन ऊपर आती हैं तो वह शिकारियों का शिकार हो रही हैं, जिससे अब इनका जीवन संकट में पड़ता दिखाई दे रहा है। एक डॉल्फिन की मौत के बाद अब बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक 32 डॉल्फिन रह गई हैं।
डॉल्फिन के शिकार का अंदेशा
डॉल्फिन का पोस्टमार्टम कराया गया। पूरे मामले में शिकार की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। टीम का गठन कर जांच कराई जा रही है।
- अदिति शर्मा, डीएफओ
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