जिंदा हो या मुर्दा, पुलिस पैसा वसूलने से बाज नहीं आती। पति की सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी विधवा थाने में खड़ी स्कूटी छुड़ाने पहुंची तो आरोप है कि पुलिस ने सुविधा शुल्क मांग लिया। महिला ने पैसा देने से मना किया तो हेड मोहर्रिर ने ऊपर तक हिस्सा जाने की बात कह दी। 500 रुपये लेने के बाद ही स्कूटी दी गई। इंस्पेक्टर तक मामला पहुंचा तो उन्होंने हेड मोहर्रिर को जमकर फटकार लगाई।
मामला सिविल लाइन थाने का है। शास्त्रीनगर सेक्टर-11 निवासी एलआईसी एजेंट प्रवीण गोयल की 22 जून को हापुड़ रोड स्थित गुलमर्ग सिनेमा के पास हादसे में मौत हो गई थी। प्रवीण की स्कूटी सिविल लाइन थाने में खड़ी थी। कोर्ट का आदेश लेकर प्रवीण की पत्नी शालिनी थाने पहुंची और स्कूटी छोड़ने की बात कही। आरोप है कि थाने के हेड मोहर्रिर यादराम ने इंस्पेक्टर के थाने में आने के बाद ही स्कूटी छोड़ने को कहा। महिला करीब तीन घंटे तक थाने में ही बैठी रही। बाद में हेड मोहर्रिर ने विधवा से 500 रुपये सुविधा शुल्क मांग लिया।