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बसपा नेता याकूब कुरैशी की चाबुक वाली बेटी को गिरफ्तार करने में नाकाम खाकी

Sun, 16 Jul 2017 10:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ गजेंद्र चौधरी, मेरठ
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पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी कैमरे कैद
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एमपीजीएस प्रकरण में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां को गिरफ्तार करने में फेल साबित हो रही पुलिस अब कागजी हंटर चलाकर पीछा छुड़ाने में लगी है। जिस तरह पुलिस ने हापुड़ रोड स्थित कोल्ड स्टोरेज में गोमांस होने के मामले में नामजद इजलाल की पत्नी नगमा को बचाया था, ठीक उसी तरह दबंग आसमां को जेल भेजने के बजाय सिर्फ कागजी कार्यवाही कर मामला दबाने में लगी है।
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उधर, शुक्रवार को आसमां व उसकी नौकरानी नरगिस और पति शादाब की तरफ से अधिवक्ता ने कोर्ट में सीजेएम के यहां सरेंडर प्रार्थना पत्र दिया है। 

आसमां के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सुबूत है। एक मुकदमे में साफ लिखा है कि आसमां ने हंटर से पहले छात्रा को पीटा और फिर शिक्षिकाओं को। दूसरे मुकदमे में आसमां समेत दर्जनों लोगाें पर मारपीट और बलवे का आरोप है। एमपीजीएस के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर भी सिर्फ आसमां ही मुख्य आरोपी है। चौतरफा दबाव पड़ने पर पुलिस ने आसमां के साथ आए पांच लोगों को जेल भेजा। लेकिन आसमां को पकड़ने में उसके हाथ कांप रहे हैं। शायद यही वजह है कि पुलिस ने दूसरे दिन ही आसमां का वारंट कोर्ट से मांगा। पुलिस के मुताबिक कोर्ट ने पुलिस की अर्जी स्वीकार नहीं करते हुए पहले गिरफ्तारी का प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।

यही खेल नगमा केस में हुआ था

हंटर वाली महिला
चर्चित ट्रिपल मर्डर के मुख्य आरोपी इजलाल की पत्नी नगमा के खिलाफ 2015 में खरखौदा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। उनकी फैक्ट्री से दस कुंतल गोमांस होने की पुष्टि हो गई थी। पुलिस के पास नगमा के खिलाफ सुबूत भी थे। उक्त मुकदमे में नामजद आठ आरोपी कोर्ट से स्टे ले आए। लेकिन नगमा को स्टे नहीं मिला था। पुलिस ने पहले वारंट ले लिया और फिर कागजों में गुपचुप तरीके से कुर्की तक कर दी। पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी बताकर मुकदमे में चार्जशीट लगा दी। कागजों में नगमा आज भी वांटेड है। हाईकोर्ट ने मेरठ पुलिस को तलब किया। लेकिन पुलिस नगमा को गिरफ्तार करना भूल गई।

बड़ा बखेड़ा हो जाएगा 
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आसमां को गिरफ्तार करने में बड़ा बखेड़ा खड़ा हो सकता है। इस डर से पुलिस ने याकूब कुरैशी से एक बार भी आसमां का जिक्र नहीं किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार आसमां की तरफ से जो सरेंडर प्रार्थनापत्र दाखिल हुआ है, यदि वह 17 जुलाई को कोर्ट में पेश नहीं होती है तो पुलिस फिर दोबारा से वारंट मांगेगी।

हापुड़ में तलाश, खाली लौटी पुलिस
आसमां की तलाश में पुलिस ने हापुड़ में पूर्व मंत्री के रिश्तेदार के यहां दबिश दी लेकिन पुलिस खाली हाथ लौट आई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई कर रही है। ये कार्रवाई गुंडागर्दी की है, इसलिए महिलाओं को छोड़ सभी पर गुंडा एक्ट भी लगेगा। एमपीजीएस का ये चर्चित मामला शासन तक पहुंच चुका है।
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पुलिस ने माना फेल

मेरठ पब्लिक स्कूल
सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि पुलिस नामजद आसमां को अभी गिरफ्तार कर सकती है। लेकिन कोर्ट में दूसरे दिन ही वारंट मांग लिया। जिससे साबित होता है कि पुलिस आसमां की गिरफ्तारी के लिए सिर्फ कागजी कार्यवाही की खानापूर्ति करना चाहती है। कोर्ट ने उनको गिरफ्तार करने का पूरा समय भी दिया है।

प्रशासन देखेगा स्कूलों की सुरक्षा, मांगा ब्योरा
मेरठ। प्रशासन अब स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का भी खाका तैयार करेगा। एमपीजीएस में हुई घटना के बाद यह निर्णय लिया गया है। अपर नगर मजिस्ट्रेट सदर  ज्ञान प्रकाश यादव ने स्कूलों को पत्र जारी करते हुए आठ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गयी है। इस जानकारी को समय से एकत्र करने के लिए संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारियों को भी निर्देश दिये गये हैं। जो जानकारी मांगी है उनमें विद्यालय में कार्यरत प्रबंधक और प्रधानाचार्य का नाम और मोबाइल नंबर, सभी शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का फोटो सहित विवरण। स्कूल बसों के ड्राइवर व सहायक का पूर्ण विवरण। सीसीटीवी की उपलब्धता एवं उन्हें किस किस स्थान पर लगाया गया है। वहीं एसएसपी मंजिल सैनी सुरक्षा के मुद्दे को लेकर आज एमआईईटी बागपत रोड में सभी स्कूल प्रबंधकों व स्कूल प्रिंसिपलों के साथ बैठक लेंगी। 

अभिभावकों को भेजे नियम
एमपीजीएस ने सुरक्षा के कठोर नियम लागू कर दिए हैं। प्रिंसिपल मधु सिरोही का कहना है कि कांवड़ बाद स्कूल खुलेंगे तब सुरक्षा के सभी नए नियम लागू होंगे। सिर्फ काम से ही परिजन स्कूल आएंगे। बैंक जाने पर भी गार्ड पहले इंटरकॉम से सूचना देगा इसके बाद आईकार्ड की जांच कर बैंक जाने की अनुमति मिलेगी। बैंक का रास्ता भी स्कूल की ओर से बंद हो जाएगा। छात्रा स्कूल से अनुपस्थित है तो स्कूल लगने के 15 मिनट बाद अभिभावकों को जाएगा एसएमएस। स्कूल के बीच से किसी छात्रा को तब तक अवकाश नहीं दिया जाएगा, जब तक छात्रा के परिजन चिकित्सक से लिखित पत्र न दिखाएं। 11 से 1 बजे तक विजिटिंग हावर्स में ही अभिभावक स्कूल में प्रवेश कर पाएंगे।

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