गेहूं की कटी फसल में नुकसान, अन्य में फायदा
खेतों में अभी किसानों की करीब 20 प्रतिशत गेहूं की फसल कटी पड़ी है। खेतों में पानी भरने के कारण फसल के खराब होने की आशंका है। अगर बारिश अभी दो या तीन दिन लगातार होती है तो गेहूं का दाना खराब हो जाएगा।
वहीं लहचोड़ा, गौना आदि गांवों में खीरा, प्याज और टमाटर की फसलों को बारिश से नुकसान हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि यह बारिश खेतों में खड़ी गन्ना, चारा, सब्जी आदि फसलों के लिए लाभदायक है।
फसलों को इस बारिश से कोई नुकसान नहीं है। अगली फसल की तैयारी में जुटे किसानों के लिए बारिश से पलेवा करने में लाभ मिला है। अगर किसी की गेहूं की फसल कटी पड़ी है तो उसमें नुकसान हो सकता है।
जलभराव के कारण उठानी पड़ी परेशानी
रटौल में बारिश से सड़कों पर जलभराव होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। मुख्य बस स्टैंड पर जलभराव होने से जहां राहगीरों को निकलने में परेशानी हो रही है। वहीं स्कूल की छुट्टी होने पर बच्चों को आंबेडकर नगर के मुख्य मार्ग पर कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा। दाहा, भड़ल, निरपुड़ा, टीकरी, दोघट, पुसार, बेगमाबाद गढ़ी आदि गांव में गलियों में पानी भर गया। बारिश के चलते बिजली व्यवस्था चरमरा गई। अग्रवाल मंडी टटीरी में बारिश के कारण आर्य समाज रोड, मंडी, बाजार में जलभराव हो गया। समाजसेवी अशोक गोयल ने बताया कि कई बार पानी निकासी की व्यवस्था की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
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विद्युत लाइनों में हुए फाल्ट, गुल हुई बत्ती
लगातार बारिश होने के कारण विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ गए। जिससे बागपत, बड़ौत, खेकड़ा में कई घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही और इस कारण शाम के समय पानी की सप्लाई तक नहीं हो सकी। वहीं लाइनों में फाल्ट आने से 30 से ज्यादा गांवों में बत्ती गुल रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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रेलवे अंडरपास के नीचे भरा पानी
बारिश के कारण अंडरपास के नीचे भी पानी भर गया। असारा, बड़का, महनवा रेलवे अंडरपास में पानी भरने के कारण लोगों को परेशानी हुई। उनमें से पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है। जिस कारण दर्जनों गांवों में जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।