गाजीपुर गांव में करंट से दंपती की मौत
बरुकी (बिजनौर)। कुट्टी की मशीन के तार की चपेट में आकर गांव गाजीपुर में पति-पत्नी की मौत हो गई। परिजन दंपती को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया। दंपती की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।
किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव गाजीपुर निवासी अरुण (50) और उनकी पत्नी बबीता (48) शुक्रवार सुबह पशुओं को चारा डाल रहे थे। बबीता टोकरे में चारा लेकर आ रही थी, तभी अचानक कुट्टी की मशीन के तार से वह छू गई और करंट लगने से गिर पड़ी। अरुण ने जैसे ही बबीता को उठाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दंपती की मौत का पता तब चला, जब अरुण का पुत्र तुषार मोटर बंद करने के लिए उठा। उसने अपने माता-पिता को बेसुध पड़ा देखा तो शोर मचा दिया। अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और बिजली के तार काटकर दोनों को निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दंपती की मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। उनका रो-रो कर बुरा हाल था। अरुण ने अपनी बड़ी बेटी चारु का एक माह पूर्व ही विवाह किया था। अरुण और बबीता अपने पीछे एक पुत्री मितुल और पुत्र तुषार को छोड़ गए हैं। घटना की सूचना पर किरतपुर के थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी मौके पर एकत्र थे। हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष संजीव मलिक, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष मनोज बालियान, शिव कुमार कश्यप, शिवपाल सिंह, गोपाल सिंह सहित आदि भी ग्राम गाजीपुर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
सालभर पहले भी हुई थी ऐसी ही घटना
बरुकी। ग्राम गाजीपुर में करंट से हुई दंपती की मौत ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। एक वर्ष पूर्व भी गांव में बिल्कुल ऐसा ही हादसा हो चुका है। 22 जुलाई 2019 को गांव के जयपाल सिंह और उनकी पत्नी बाला देवी की भी करंट लगने से मौत हो गई थी।