- इंदौर की घटना के बाद मेरठ नगर निगम ने अभियान चलाने के लिए बनाया रोस्टर
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर के ट्रांसपोर्टनगर, सिविल लाइन और कंकरखेड़ा में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम ने ठोस कदम उठाए हैं। तीनों क्षेत्रों में करीब पांच लाख से अधिक आबादी है। यहां से गंदे पानी की लगातार शिकायतों के मद्देनजर निगम के जलकल विभाग ने विशेष अभियान चलाकर पेयजल के सैंपल लेने की तैयारी की है। निगम ने रोस्टर बनाकर इस पर अभियान चलाने की बात कही हैं।
इंदौर में हुई पेयजल संबंधी घटनाओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। इसके बाद निगम सतर्क हुआ है। जलकल विभाग द्वारा पहले ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और नलकूपों से सैंपल लिए जा चुके हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में चंद्रलोक कॉलोनी, साबुन गोदाम, गुप्ता कॉलोनी, सिविल लाइन इलाके में सुभाषनगर, हाशमपुर और कंकरखेड़ा में श्रद्धापुरी, शक्कयपुरी जैसी कॉलोनियों से गंदे पानी की शिकायतें नगर निगम में नियमित रूप से पहुंचती रहती हैं। इसके अलावा माधवपुरम, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी जैसे क्षेत्रों में भी पानी की पाइप लाइनों से दूषित पानी घरों तक पहुंचने की शिकायतें आम हैं।
पहले चरण में तीन प्रमुख क्षेत्रों में होगा काम
निगम ने पेयजल की शुद्धता की जांच के लिए पहले चरण में इन तीनों संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया है। यहां पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की गहन जांच कराई जाएगी। शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया है कि पानी की टंकियों में क्लोरीन का नियमित रूप से छिड़काव किया जा रहा है। जिन इलाकों से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। वहां पेयजल संबंधी समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। यह अभियान शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।