मेरठ। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे जीआईएस सर्वे में चिह्नित नए भवनों से गृहकर की वसूली करने की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है। इसके लिए नगर निगम ने नए भवन स्वामियों को बिल भी वितरित करने शुरू कर दिए हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने कर निर्धारण और कर निरीक्षकों को पत्र जारी कर नए भवनों से गृहकर वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने कहा कि पूर्व से कर आच्छादित संपत्तियों के बिल वितरण के मामले में उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर ही निर्णय लिया जाएगा। जीआईएस सर्वे पर आधारित कर निर्धारण से जहां नई संपत्तियां कर दायरे में आएंगी, वहीं पहले से कर दायरे में शामिल संपत्तियों पर बिल वितरण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होगी।