परतापुर की कन्हा उपवन गौशाला में बंधे गोवंश
मेरठ। परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा के मामले में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह पर अब बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी हो गई है। कमिश्नर ने प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र लिख दिया है कि गोवंश की दुर्दशा में डॉ हरपाल की भूमिका है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी। डॉ. हरपाल पर निलंबन और वसूली की तलवार लटक गई है।
गोशाला में भूख से मरने गोवंशों की जांच करने के साथ-साथ अधिकारियों पर कार्रवाई होने का भी दौर शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर गोवंशों की दुर्दशा की वीडियो वायरल होने से भाजपा नेता, पार्षद और आमजनों में आक्रोश है। प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह व राज्यसभा सदस्य डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेई ने भी गोशाला का निरीक्षण किया। जहां पर निगम के अधिकारियों की घोर लापरवाही मिली है। प्रभारी मंत्री की फटकार के बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कमिश्नर को जांच रिपोर्ट भेजी।
प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर हरपाल को तुरंत हटाने और उनकी जगह डॉक्टर अमर पाल सिंह को जिम्मेदारी दे रही है। अमर सिंह परीक्षितगढ़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी हैं। कमिश्नर ने डॉ हरपाल पर विभागीय कार्रवाई के लिए भी शासन को पत्र लिख दिया है। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात को लिखे पत्र में स्पष्ट कर दिया कि गोवंश की दुर्दशा में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ हरपाल की भूमिका मिली है। डॉ हरपाल पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ निलंबन, वसूली के कार्रवाई भी हो सकती है।
अपर नगर आयुक्त ने की गोशाला का मुआयना
नगर आयुक्त ने गोशाला वरिष्ठ प्रभारी शरद पाल को भी हटाकर अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार को उनकी जिम्मेदारी दे दी है। अपर नगर आयुक्त ने रविवार को गोशाला पहुंचकर गोवंशों का हाल देखा और अब गोवंशों के सुधार के लिए अस्थाई गोशाला बनाने के साथ चारा और उनके खाने-पीने की व्यवस्था सुधारने की तैयारी कर दी है।