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जिला पंचायत चुनाव के दावेदारों की नींद उड़ी

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मेरठ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत जनसंख्या निर्धारण का काम पूरा हो चुका है। अब पंचायत राज विभाग ने परिसीमन की तैयारी शुरू कर दी है। इससे जिला पंचायत चुनाव के दावेदारों की नींद उड़ी हुई है। ये काफी समय से क्षेत्र में तैयारी कर रहे थे। अब वे परिसीमन को लेकर परेशान दिख रहे हैं।
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जनपद की तीन बड़ी ग्राम पंचायत नगर पंचायत बन चुकी हैं। जिसके चलते करीब 35 हजार वोट घट गई हैं। ऐसे में जिला पंचायत के वार्डों का परिसीमन नए सिरे से होना तय हो चुका है। इस परिसीमन में एक वार्ड अवश्य कम होगा। सबसे ज्यादा प्रभाव यदि विधानसभा स्तर पर देखें तो सिवालखास में पड़ने जा रहा है। यहां पर कई गांव एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जाने तय हैं।
जाति और समर्थकों पर टिकी हैं निगाहें
पंचायत चुनाव पर सबसे ज्यादा भाजपा की नजर है। उसके ही सबसे ज्यादा दावेदार सक्रिय हैं। यही कारण है कि अब परिसीमन को लेकर भी ये दावेदार आला नेताओं के पास चक्कर लगा रहे हैं ताकि अपनी जाति और समर्थक बहुल ग्राम पंचायतों को वार्ड में शामिल करा सकें। हालांकि भाजपा नेतृत्व का भी यह मानना है कि परिसीमन इस तरह हो कि उनके ज्यादा से ज्यादा सदस्य जीतकर आ सकें और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी बिना अतिरिक्त मेहनत के निर्वाचित करा सकें।
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आरक्षण को लेकर आशंका
परिसीमन एक सप्ताह के भीतर होने और शासन से स्वीकृति मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि आरक्षण का पेच सभी के दिमाग में फंसा है। क्योंकि वार्ड आरक्षण कई की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। इसे लेकर भाजपा में आपसी राजनीति और गुटबाजी तेज हो गई है। कई आला नेता अपने विपक्षियों को चुनाव मैदान से हटाने के लिए पहले परिसीमन तो बाद में आरक्षण पर दबाव बनाए हुए हैं। इससे भाजपा की अंदरूनी राजनीति भी इन दिनों गर्मा रही है।
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