मेरठ। श्री जैन स्थानक वीर नगर में बुधवार को आयोजित धार्मिक संस्कार शिविर में बच्चों को प्रतिक्रमण विषय की जानकारी दी गई। शिक्षिकाओं ने प्रतिक्रमण को मन, वचन और काया के दोषों की शुद्धि की प्रक्रिया बताया।
बच्चों को प्रतिक्रमण के पांच प्रकार जिसमें दैवसिक, रात्रिक, पाक्षिक, चातुर्मासिक और सांवत्सरिक के बारे में बताया गया। साथ ही आध्यात्मिक महत्व और आत्मशुद्धि के बारे में बताया गया। दिव्यांशी जैन, तनुज जैन, मोहित, मोना जैन और नीरज जैन ने बच्चों को यह धार्मिक ज्ञान दिया। शिविर का उद्देश्य बच्चों में धार्मिक संस्कारों, नैतिक मूल्यों और जैन संस्कृति के प्रति आस्था बढ़ाना है। ब्यूरो