केंद्रीय टीम ने मेरठ पहुंच ओडीएफ प्लस प्लस के लिए निरीक्षण शुरू किया
मेरठ। पिछले साल तो मेरठ को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का प्रमाण पत्र मिल चुका है, लेकिन इस साल शहर में ओडीएफ की क्या स्थिति है इसकी सच्चाई जानने के लिए केंद्रीय टीम मेरठ पहुंच गई है। मंगलवार को टीम के सदस्यों ने शहर में कई स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया वहीं कुछ आवासों में बने शौचालयों की भी जांच की। टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही मेरठ को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा मिलेगा।
दरअसल स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 शुरू हो चुका है। पिछले एक माह से भारत सरकार और प्रदेश सरकार की टीम महानगर की स्वच्छता परख रही है। नगर निगम का दावा है कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए जहां शहर में जगह-जगह सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है वहीं घरों में भी शौचालयों का निर्माण कराया है। अब निगम के दावों को परखने के लिए दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ने निरीक्षण शुरू कर दिया है। हालांकि टीम ने निरीक्षण को पूरी तरह से गोपनीय बनाया हुआ है। टीम की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ही नगर निगम को अंक मिलेंगे।
फीडबैक प्रक्रिया अंतिम चरण में, फरवरी में आएगी रिपोर्ट
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में शहर की स्वच्छता की स्थिति जांचने के लिए जनता की फीडबैक भी ली जा रही है। अभी तक शहर के मात्र 18 हजार लोगों ने ही फीडबैक में भाग लिया है। अभी 31 जनवरी तक जनता फीडबैक में शामिल होकर अपनी राय दे सकती है। फीडबैक प्रतिशत बढ़ाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों समेत पार्षद भी जनता को जागरूक कर रहे हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस साल काफी ज्यादा लोगों ने सर्वे में भाग लेकर स्वच्छता के बारे में अपनी राय दी है।