- प्राथमिकी दर्ज में जांच के नाम पर मांगे थे 20 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस लाइन गेट नंबर-तीन के सामने से मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने गंगानगर थाने में तैनात अलीगढ़ के गांव माता बसई निवासी दरोगा प्रकाश चंद को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया था। बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने दरोगा को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत मे जेल भेज दिया। एंटी करप्शन निरीक्षक कैलाश चंद की तहरीर पर पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
उत्तराखंड हरिद्वार जनपद के मंगलौर थाना क्षेत्र के लिब्बरहेडी निवासी दीपक चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरनगर के घटायन गांव निवासी उनकी बुआ संगीता ने गंगानगर निवासी नमन चौधरी से जमीन का सौदा तय किया था। नमन ने कुछ पैसे बयाना के महिला व उसके परिवार के खातों में भेज दिए थे। लेकिन नमन रकम की व्यवस्था नहीं कर सका था। इसके बाद उसने सौदा रद्द कर पैसे वापस मांगे थे। पीड़ित परिवार ने जल्द पैसे लौटाने के लिए कहा था। पैसे को लेकर दोनों पक्षों में गांव में पंचायत हुई थी, जिसमें तय हुआ कि जमीन बिकने के बाद युवक को उसकी रकम लौटा दी जाएगी। पंचायत में दोनों पक्षों के बीच सहमति जताई हो गई थी। लेकिन बाद में नमन ने उसकी बुआ संगीता, नवनीत चौधरी व उसके पिता पवन के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। इसकी विवेचना दरोगा प्रकाश चंद कर रहे थे। दरोगा विवेचना के नाम पर दो लाख रुपये का दबाव बना रहा था।
एंटी करप्शन थाने के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार का कहना है कि दरोगा को भ्रष्टाचार अधिनियम न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।